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'बांग्लादेशियों के लिए भारत में जगह नहीं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय गृह मंत्री पी चिदंबरम का कहना है कि बांग्लादेशी नागिरकों को बिना मंज़ूरी भारत में रहने की इजाज़त नहीं दी जाएगी. चिदंबरम का कहना था, "बिना मंज़ूरी के बांग्लादेशी नागिरकों को इस देश में रहने की ज़रूरत नहीं है और ऐसी कोई वजह भी नहीं है कि उन्हे बड़ी तादाद में हर महीने वीज़े जारी किए जाएं." चिदंबरम ने बांग्लादेशियों के यहां आने और वीज़ा अवधि समाप्त होने के बाद उनके वापस नहीं लौटने के संबंध पर नज़र रखने वाली निगरानी व्यवस्था की विफलता पर भी चिंता जताई है. जनसंख्या परिवर्तन चिदंबरम ने बांग्लादेशियों के अवैध तरीक़े से भारत में आने से पश्चिम बंगाल और असम में हो रहे जनसंख्या परिवर्तन का ज़िक्र करते हुए कहा, " मैं बांग्लादेशियों को मुसलमान और ग़ैर मुसलमान के तौर पर नहीं देखता, वो बांग्लादेशी हैं. उनके बग़ैर वीज़ा के भारत आने का कोई अर्थ नहीं है." उन्होंने एक निजी टेलीविज़न चैनल को कहा, "आगर बांग्लादेशियों के पास वर्क परमिट नहीं है तो उन्हें यहाँ काम करने की आवश्यकता नहीं है, वो बांग्लादेशी हैं और यहाँ धर्म का मामला पूरी तरह से अप्रासंगिक है." अवैध प्रवास रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों के बारे में पूछे जाने पर चिदंबरम ने कहा, " मैं अब ग़ौर कर रहा हूँ कि हमारी सीमाओं और पासपोर्ट नियंत्रण केंद्रों पर क्या हो रहा है. मुझे लगता है कि हर महीने बांग्लादेशियों को बड़ी तादाद में वीज़ा जारी किया जा रहा है." उनका ये भी कहना था, "बड़ी तादाद में वीज़ा जारी करने की कोई वजह नहीं है." चिदंबरम का ये बयान इसलिए अहम माना जा रहा है कि क्योंकि भारत में पिछले साल हुए कई धमाकों के लिए बांग्लादेश स्थित चरमपंथी संगठों को ज़िम्मेदार ठहराया जाता रहा है. भारत में बांग्लादेशियों के अवैध प्रवास को रोकने की बार बार माँग भी होती रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें बांग्लादेशियों की धरपकड़ शुरु 19 मई, 2008 | भारत और पड़ोस भारत-बांग्लादेश मैत्री का नया अध्याय13 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस सरहद पर प्यास बुझाता साझा कुआँ06 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस कश्मीर में बांग्लादेशी गिरफ़्तार | भारत और पड़ोस 'भारतीय कार्रवाई ग़लत' | भारत और पड़ोस बांग्लादेश समयचक्र | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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