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सेना की गोली से छात्र की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के दक्षिणी शहर बंगलौर में सेना के परिसर में घुसे एक छात्र को सेना के जवानों ने गोली मार दी है. छात्र की मौक़े पर ही मौत हो गई. बंगलौर के स्थानीय पत्रकार ख़ालिद कर्नाटकी ने बीबीसी को बताया कि शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि को एक युवक सेना परिसर की दीवार फांदकर परिसर में घूम रहा था तो सेना ने गोली चला दी. 19 वर्षीय नौजवान का नाम मोहम्मद मुकरम बताया गया है. पुलिस का कहना है कि वह इस मामले की जाँच कर रही है और ये जानने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे घटनाक्रम में किसकी कितनी ग़लती है. पूरा घटनाक्रम पत्रकार ख़ालिद कर्नाटकी के अनुसार आधी रात को मोहम्मद मुकरम अपने चार अन्य साथियों के साथ महात्मा गांधी पुराने एयरपोर्ट रोड पर मोटरसाइकल की रेस लगा रहा था. जब पुलिस ने इन लड़कों का पीछा किया तो वह गाड़ी छोड़कर सेना परिसर की ओर भागने लगा और बाद में सेना परिसर में घुसने की कोशिश की. सेना के अनुसार जब नौजवान सेना परिसर की दीवार फांद लगा रहा था को पहले सेना ने उसे समर्पण के लिए कहा लेकिन जब उसने ऐसा नहीं किया तो सेना के जवानों ने गोली चलाई. मृतक के अन्य चारों साथी फरार बाताए जा रहे हैं. इस पूरे मामले पर मृतक युवक के घर वालों की ओर से कोई बयान नहीं आया है. मृतक का संबंध एक धनी घराने से बताया जाता है. अभी तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है. पुलिस ने इस मामले को चरमपंथी गतिविधियों से जाड़ने से इनकार किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें तेज़ाब हमलों के ख़िलाफ़ अभियान04 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस बंगलौर में जर्मन स्टोर से नाराज़गी21 अक्तूबर, 2003 | भारत और पड़ोस सबसे कम उम्र का प्रोफ़ेसर? | भारत और पड़ोस 'प्रतिभाशाली लोग देश लौटें' | भारत और पड़ोस 'दुर्घटना के पीछे साज़िश' | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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