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बंगलौर में जर्मन स्टोर से नाराज़गी
भारत के कर्नाटक राज्य की राजधानी बंगलौर में लगभग तीन सौ छोटे-बड़े दुकानदार और व्यापारी बेमियादी हड़ताल पर हैं. इन दुकानदारों का कहना है कि मेट्रो नाम का जर्मन सुपरस्टोर क़ानून तोड़कर सस्ता माल बेच रहा है और उन्हें नुक़सान पहुँचा रहा है. दुकानदारों और व्यापारियों का आरोप है कि हाल ही में शुरु हुआ जर्मन स्टोर मेट्रो अनुचित ढ़ंग से कीमते घटा कर व्यापार कर रहा है. लेकिन मेट्रो ने इन आरोपों का खंडन किया है. उनका कहना है कि उन्होंने किसी नियम-क़ानून का उल्लंघन नहीं किया है. 'लाइसेंस रद्द करो' बंगलौर के दुकानदारों और थोक के व्यापारियों की माँग है कि मेट्रो का लाइसेंस रद्द किया जाए. माना जा रहा है कि हड़ताल करने वाले व्यापारियों को संघ परिवार के संगठन स्वदेशी जागरण मंच का समर्थन हासिल है. बंगलौर के 'होलसेल फ़ूड ग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन' के महासचिव भरत कुमार शाह का कहना है कि हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक व्यापारियों की माँगी नहीं जाती. इस हड़ताल में फल और सब्ज़ियाँ बेचने वाले व्यापारियों के साथ-साथ अन्य व्यापारी भी हड़ताल पर हैं. मेट्रो ने बंगलौर में स्टोर लगभग 200 करोड़ रुपए की लागत से शुरु किया है और फ़िलहाल इस चलाने के लिए उसे व्यापक पुलिस सुरक्षा प्रदान की गई है. |
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