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केरी-मनमोहन बैठक में मुंबई पर चर्चा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी सीनेटर जॉन केरी ने सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात कर मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों के बारे में चर्चा की है. मुलाक़ात के दौरान जॉन केरी ने चरमपंथी हमलों के बाद भारत पाकिस्तान के संबंधों में आए तनाव के बारे में भी ज़िक्र किया है. माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चरमपंथी हमलों में शामिल संगठनों के बारे में विस्तार से केरी को बताया है. भारत का कहना है कि इन हमलों के पीछे पाकिस्तान स्थित चरमपंथी संगठन लश्करे तैबा का हाथ है. जॉन केरी ने पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के ढाँचे में बदलाव की भी ज़रूरत बताई है. उन्होंने कहा कि लश्करे तैबा को आईएसआई से ही संरक्षण मिलता है. डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर जॉन केरी अमरीका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति बराक ओबामा के क़रीब माने जाते हैं. जॉन केरी की इस यात्रा से पहले अमरीकी विदेश मंत्री कोंडलीज़ा राइस और विदेश उपमंत्री जॉन नेग्रोपोंटे भी मुंबई में हुए हमलों के बाद भारत की यात्रा कर चुके हैं. अमरीकी ने मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों के लिए ज़िम्मेदार संगठनों के ख़िलाफ़ पाकिस्तान पर कार्रवाई करने का दबाव डाला है. अमरीकी संसद ने हाल ही में पाकिस्तान से कहा था कि वो अपनी भूमि से गतिविधियाँ चला रहे चरमपंथी संगठनों का सफाया करे. ग़ौरतलब है की 26 नवंबर को मुंबई में कई जगहों पर हुए चरमपंथी हमलों में 180 से भी ज़्यादा लोग मारे गए थे जिनमें कई विदेशी नागरिक भी शामिल थे. |
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