|
घुसपैठ पर भारत ने चिंता जताई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की बढ़ती घटनाओं और काबुल में भारतीय दूतावास पर हुए हमले को लेकर भारत ने अपनी चिंताएँ पाकिस्तान के सामने रखी हैं. भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन ने ये बातें पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार महमूद अली दुर्रानी से दिल्ली में मुलाक़ात के दौरान कहीं. बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान भारत ने कहा है कि शांति प्रक्रिया और समग्र बातचीत के लिए ऐसी घटनाएँ अच्छी नहीं है. माना जा रहा है कि बातचीत के दौरान इस बात पर चर्चा हुई कि सीमा के उल्लंघन की घटनाओं को कैसे कम किया जा सके. भारत की नाराज़गी बातचीत से पहले भारत के विदेश सचिव शिवशंकर मेनन ने कहा था कि उन सब मुद्दों पर बातचीत होगी जिन्हें लेकर भारत को चिंता है. उनका कहना था, हम काबुल में हुई घटना पर बात करेंगे, संघर्षविराम का मुद्दा भी उठेगा. नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना द्वारा गोलीबारी की बढ़ती घटनाओं को लेकर भारत काफ़ी चिंतित है. इसके अलावा अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में भारतीय दूतावास पर जुलाई में हुए हमले को लेकर भी भारत नाराज़ है. भारत और अमरीका दोनों ने इस हमले का इल्ज़ाम आईएसआई पर लगाया था. अगस्त में सार्क सम्मेलन के दौरान भी भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से मुलाक़ात में ये मुद्दा उठाया था. युसूफ़ रज़ गिलानी ने कहा था कि इस मामले की आंतरिक जाँच करवाई जाएगी. | इससे जुड़ी ख़बरें बगलिहार बाँध पर ज़रदारी की चेतावनी13 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस कश्मीर का हल बातचीत से ही10 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान ने कश्मीर पर रुख़ स्पष्ट किया08 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'भारत से कभी ख़तरा नहीं रहा'05 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'आतंकवाद क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा ख़तरा'02 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||