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सिंगुर मामले का हल निकलने की उम्मीद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सिंगुर मुद्दे पर पश्चिम बंगाल सरकार और तृणमूल कांग्रेस के बीच शनिवार को फिर बातचीत हो रही है. पहले दौर की वार्ता पर दोनों पक्षों ने संतोष जताया है. सिंगुर में टाटा की महत्वाकांक्षी नैनो कार फैक्ट्री के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रही तृणमूल कांग्रेस के समक्ष पश्चिम बंगाल सरकार ने तीन प्रस्ताव रखे हैं. कोलकाता स्थित बीबीसी संवाददाता सुबीर भौमिक का कहना है कि तीनों में से किसी एक प्रस्ताव पर सहमति बन सकती है. उनका कहना है कि तृणमूल नेता ममता बनर्जी को संतुष्ट करने के लिए सांकेतिक तौर पर कुछ ज़मीन किसानों को वापस लौटाई जा सकती है. राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी की मध्यस्थता में हो रही बैठक में राज्य के उद्योग मंत्री निरुपम सेन ने कहा है कि टाटा की प्रस्तावित फैक्ट्री के पास ही राज्य सरकार की 47 एकड़ ज़मीन है जहाँ उन किसानों को व्यापारिक गतिविधियों के लिए जगह मिल सकती है जिनकी ज़मीन ली गई है. पहले दौर की वार्ता के बाद तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधि पार्थ चटर्जी ने कहा, "हम समाधान की ओर बढ़ रहे हैं. बातचीत जारी है और हम फिर मिलेंगे." ख़ुद राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी ने भी कहा है कि वार्ता सकारात्मक माहौल में हुई है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि कोई हल ढूंढ लिया जाएगा. तृणमूल कांग्रेस की माँग है कि कार फैक्ट्री के लिए ली गई ज़मीन में से चार सौ एकड़ खेतिहर ज़मीन लौटा दी जाए. |
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