BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शनिवार, 06 सितंबर, 2008 को 15:46 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
प्रचंड के एजेंडा में कोसी सबसे ऊपर

नवनिर्वाचित नेपाली प्रधानमंत्री जल्दी ही भारत का दौरा करने वाले हैं
नेपाल की माओवादी सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा है कि नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री प्रचंड लाखों लोगों को बेघर करने वाली कोसी नदी की बाढ़ का दीर्घकालिक समाधान निकालने का प्रयास करेंगे.

नेपाल के विदेश मंत्री उपेंद्र यादव ने कहा है कि अगले सप्ताह अपनी भारत यात्रा के दौरान नेपाल के प्रधानमंत्री के "एजेंडा पर कोसी की बाढ़ का हल निकालना सबसे ऊपर होगा".

कोसी नदी के पानी को नियंत्रित करने के लिए भारत और नेपाल के बीच दशकों पुराना समझौता है.

कोसी नदी में आई बाढ़ के लिए दोनों देश एक-दूसरे को दोषी ठहराते हैं और जानकारों का कहना रहा है कोसी नदी में इससे भी भयंकर बाढ़ आ सकती है.

 हमें नई व्यवस्था बनानी होगी क्योंकि हाल की बाढ़ ने यह साबित कर दिया है कि मौजूदा व्यवस्था कारगर नहीं है
उपेंद्र यादव, नेपाली विदेश मंत्री

एक दूसरे पर आरोप लगाने के बावजूद दोनों देशों के अधिकारी मानते हैं कि कोसी नदी के पानी को काबू में रखने के लिए मिलकर ही प्रयास करने होंगे.

कुछ ही दिन पहले भारत की यात्रा करने वाले उपेंद्र यादव ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री प्रचंड भारतीय नेताओं से इसी पर विस्तार से विचार करेंगे.

उन्होंने कहा, "हमें नई व्यवस्था बनानी होगी क्योंकि हाल की बाढ़ ने यह साबित कर दिया है कि मौजूदा व्यवस्था कारगर नहीं है."

नेपाली विदेश मंत्री ने कहा, "यह एक ज्वलंत समस्या है, प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान इससे निबटने के लिए बनाई जाने वाली व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा होगी. हालाँकि पहले बिहार सरकार इसमें शामिल रही थी लेकिन अब केंद्र सरकार इस दिशा में सक्रियता दिखा रही है."

अधिकारी गंभीर

उपेंद्र यादव ने कहा कि भारत की हाल की यात्रा के दौरान उन्होंने महसूस किया कि केंद्र सरकार के अधिकारी कोसी की समस्या को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं और उसे सुलझाने में नेपाल का सहयोग चाहते हैं.

कोसी नदी अपने साथ बहुत अधिक सिल्ट (मिट्टी) लेकर चलती है और गंगा नदी में जाकर मिलती है, कोसी में अक्सर बाढ़ आने के कारण इसे 'बिहार का शोक' कहा जाता है.

नेपाल स्थित कोसी नदी का तटबंध टूट जाने के कारण बिहार के लाखों लोग भीषण बाढ़ की चपेट में आ गए हैं.

भारत और नेपाल के बीच हुए समझौते के तहत कोसी नदी के तटबंध के निर्माण और रख-रखाव की ज़िम्मेदारी भारत की है.

जानकारों का कहना है कि कोसी नदी का तटबंध कई स्थानों पर कमज़ोर हो गया है जिसकी वजह से भयानक बाढ़ का ख़तरा हमेशा बना रहेगा इसलिए कोई नई व्यवस्था बनाने की ज़रूरत है जो दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती होगी.

बिहार में जलप्रलयबिहार में जलप्रलय
बाढ़ से बुरी तरह बदहाल हो चले बिहार पर बीबीसी की विशेष सामग्री यहाँ पढ़ें.
कोसी का रुख़ बदला
बिहार में बाढ़ की वजह है कोसी का रास्ता बदलना. आइए नक्शे में देखते हैं.
बाढ़ पीड़ित'वापस कब आओगे...'
बीबीसी संवाददाता मोहनलाल बयान कर रहे हैं नाव से हो रहे राहत कार्य का दृश्य.
राहत शिविरस्कूल बन गए शिविर
बाढ़ से निपटने के लिए बनाए गए राहत शिविरों में पुख़्ता व्यवस्था नहीं है.
बाढ़ पीड़ित'अब जिएं या मरें...'
बाढ़ पीड़ितों की स्थिति पर मधेपुरा के दो लोगों की आपबीती दे रही है बानगी...
बाढ़ के पानी से टूटी रेलवे लाइन'जाएँ तो जाएँ कहाँ...'
बीबीसी संवाददाता मोहनलाल शर्मा बयान कर रहे हैं मधेपुरा की बाढ़ का मंज़र...
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>