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उत्तर भारत में बाढ़ की स्थिति गंभीर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर भारत के कुछ राज्यों में इस वर्ष बारिश की वजह से बाढ़ के भीषण संकट की स्थिति पैदा हो गई है. बीबीसी के उत्तर प्रदेश संवाददाता, रामदत्त त्रिपाठी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ ही दिनों के दौरान बाढ़ और बारिश से मरनेवालों की तादाद बढ़कर 110 हो गई है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष जून में मानसून आने के बाद से राज्य में क़रीब 660 लोग बारिश और बाढ़ के कारण मर चुके हैं. इनमें से 27 लोग बारिश और उसके कारण बाढ़ की ताज़ा स्थितियों के चलते मारे गए हैं. राज्य के राहत आयुक्त जीके टंडन ने बताया कि राजधानी लखनऊ और पवित्र नगरी बनारस के कई हिस्सों में बारिश के कारण जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है. उधर बिहार में भी बारिश का कहर जारी है और राज्य के कई ज़िलों में जल भराव की वजह से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है. इसी तरह पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्य असम में भी भारी बारिश के कारण गंभीर संकट पैदा हो गया है. ख़तरे के निशान से ऊपर उत्तर प्रदेश में गंगा सहित कई प्रमुख नदियाँ कई जगहों पर ख़तरे के निशान से काफ़ी ऊपर बह रही हैं. जीके टंडन ने बताया कि राज्य के 21 ज़िलों के तीन हज़ार से भी ज़्यादा गाँव बारिश और बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं. प्रभावित इलाक़ों से क़रीब 50 हज़ार लोगों को इस गंभीर स्थिति से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है. राज्य सरकार ने बाढ़ और बारिश से प्रभावित क़रीब 15 लाख लोगों के लिए 268 राहत शिविरों की व्यवस्था की है. राज्य में सड़क और रेल यातायात भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है और कई रेलगाड़ियाँ काफी विलंब से चल रही हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें बाढ़ में बस बही, 40 के मरने की आशंका10 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस जंतर-मंतर के ज़रिए बारिश की भविष्यवाणी20 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस मुंबई अस्त व्यस्त, भारी बारिश में दो मरे01 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस पूर्वी भारत में बाढ़ से लाखों प्रभावित20 जून, 2008 | भारत और पड़ोस बाढ़ पीड़ित इलाक़ों में सेना की मदद19 जून, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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