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इस्तीफ़े के बाद मुशर्रफ़ का क्या होगा! | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के सभी अख़बार राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के इस्तीफ़े की ख़बर से भरे पड़े हैं. सभी समाचार पत्रों ने पहले पन्ने पर परवेज़ मुशर्रफ़ के इस्तीफ़े, उस पर देश और विदेश से आ रही प्रतिक्रिया और राष्ट्रपति पद से जुड़ी राजनीति की ख़बरों को जगह दी है. अधिकतर समाचार पत्रों ने ख़बर के साथ परवेज़ मुशर्रफ़ की तस्वीर भी पहले पन्नों पर छापी है. अख़बारों के संपादकीय भी परवेज़ मुशर्रफ़ के त्यागपत्र और इससे जुड़ी राजनीति पर केंद्रित हैं. अंग्रेज़ी अख़बार डेली डॉन का शीर्षक है, बियॉन्ड मुशर्रफ़ यानी मुशर्रफ़ के बाद. अख़बार ने लिखा है कि परवेज़ मुशर्रफ़ जिन्होंने हमेशा यह कहा कि वे पीछे नहीं हटेंगे लेकिन उन्होंने सोमवार को राष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा दे कर पाकिस्तान में लोकतंत्र के लिए रास्ता साफ़ कर दिया. अख़बार के अनुसार उन्होंने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में सत्तारूढ़ गठबंधन की ओर से उनके ख़िलाफ़ चलाए जाने वाले महाभियोग को देश के लिए ख़तरनाक क़रार दिया और कहा कि महाभियोग जीतने या हारने से जनता का ही नुक़सान होना था. अख़बार डेली टाइम्स का शीर्षक है, गोइंग, गोइंग, गॉन!. समाचार पत्र ने अपनी ख़बर में लिखा है कि परवेज़ मुशर्रफ़ ने महाभियोग से बचने के लिए राष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा दे दिया और जिसके बाद पाकिस्तान में राजनीतिक अनिश्चिता का माहौल ख़त्म हो गया है. अख़बार ने परवेज़ मुशर्रफ़ के बाद बनने वाली राजनीतिक स्थिति का विश्लेषण भी किया है और मुशर्रफ के इस्तीफ़े पर अमरीका, भारत और अन्य देशों की प्रतिक्रिया को पहले पन्ने पर छापा है. अख़बार के अनुसार परवेज़ मुशर्रफ़ कुछ दिन पाकिस्तान में रहने के बाद सऊदी अरब रवाना होंगे जहाँ वो अपने परिवार के साथ उमरा अदा करेंगे और बाद में अमरीका की यात्रा पर भी जाएँगे. उर्दू अख़बारों की राय उर्दू भाषा के सब से बड़े अख़बार ‘रोज़नामा जंग’ का शीर्षक है, जमहूरी कुव्वतों का आख़िरी मुक्का, सदर परवेज़ मुशर्रफ़ की कोताहियों पर कौम माफ़ कर दे. अख़बार ने लिखा है कि पाकिस्तान के राजनीतिक दलों का आख़िरी मुक्का चल गया और परवेज़ मुशर्रफ़ ने राष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा दे दिया.
रोज़नामा जंग के अनुसार उन्होंने गठबंधन सरकार की ओर से लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि इस्तीफ़ा देश हित में दिया गया. अख़बार ने भारत सहित अन्य देशों की प्रतिक्रिया और मुशर्रफ़ के इस्तीफ़े पर प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी के संसद में संबोधन की ख़बर को भी पहले पन्ने पर जगह दी गई है. एक और उर्दू के अख़बार रोज़नामा एक्सप्रेस का शीर्षक है, परवेज़ मुशर्रफ़ एवान-ए-सदर से रुख़स्त हो गए. अख़बार लिखता है कि परवेज़ मुशर्रफ़ ने इस्तीफ़े के बाद सेनाध्यक्ष जनरल अशफाक़ परवेज़ कियानी और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाक़ात की और बाद में सेनेट के अध्यक्ष मोहम्मद मियाँ सूमरो ने कार्यवाहक राष्ट्रपति पद की शपथ ली. गठबंधन की बैठक अख़बार के अनुसार बीती रात सत्तारूढ़ गठबंधन की एक महत्पूर्ण बैठक हुई जिसमें नए राष्ट्रपति के लिए नामों और न्यायापालिका की बहाली पर विचार विमर्श किया गया. अख़बार ने लिखा है कि नए राष्ट्रपति के नाम और न्यायापालिका की बहाली पर गठबंधन सरकार सदस्यों में मदभेद हैं. अंग्रेज़ी अख़बार दे नेशन का शीर्षक है, ‘आउट विथाउट फ़ाइट’. समाचार पत्र ने अपनी ख़बर में लिखा है कि परवेज़ मुशर्रफ ने राष्ट्र के नाम संदेश में अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनवाया और कहा कि उनके कार्यकाल में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था मज़बूत हुई. अख़बार ने सुप्रीम कोर्ट के निलंबित मुख्य न्यायाधीश जस्टिस इफ़्तिख़ार चौधरी के उस बयान को भी पहले पन्ने पर जगह दी है जिसमें उन्होंने कहा कि मुशर्रफ़ के इस्तीफ़े से लोकतंत्र के रास्ते की सभी रुकावटें हट गई हैं. |
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