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दिल्ली हाईकोर्ट ने सिमी से प्रतिबंध हटाया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली हाईकोर्ट के एक ट्रिब्यूनल ने स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ़ इंडिया (सिमी) पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया है. यह प्रतिबंध केंद्र सरकार ने लगाया था. हाईकोर्ट के एक जज वाले इस ट्रिब्यूनल ने प्रतिबंध हटाने का फ़ैसला करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार के पास प्रतिबंध लगाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं. केंद्रीय गृहमंत्रालय ने कहा है कि वह प्रतिबंध हटाने के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ जल्दी ही क़दम उठाएगा. केंद्र सरकार ने पिछले सात फ़रवरी को सिमी पर प्रतिबंध लगा दिया था. इस पर पहली बार प्रतिबंध 2001 में लगाया गया था. सरकार का कहना था कि सिमी 'देश की सुरक्षा को ख़तरे में डालने वाली ग़ैरक़ानूनी गतिविधियों में संलग्न है' और वह 'देश की शांति, सांप्रदायिक सौहार्द्र और धर्मनिरपेक्ष तानेबाने को नुक़सान पहुँचा सकता है.' 'पर्याप्त सबूत नहीं' दिल्ली हाईकोर्ट में ट्रिब्यूनल की प्रमुख न्यायमूर्ति गीता मित्तल ने कहा कि सरकार की ओर से ऐसे कोई नए सुबूत पेश नहीं किए गए हैं जिसके आधार पर सिमी पर लगाए गए प्रतिबंध को जारी रखा जा सके. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सरकार ने सिर्फ़ 2006 में हुए मालेगाँव धमाकों के सबूत पेश किए और इसके बारे में ट्रिब्यूनल ने कहा है कि यह प्रतिबंध जारी रखने के लिए पर्याप्त नहीं है. बीबीसी से चर्चा करते हुए गृहराज्यमंत्री शकील अहमद ने कहा कि कई राज्यों में हुई घटनाओं के बाद राज्य सरकारों ने कहा था कि उनकी जाँच सिमी की ओर इशारा करती है इसलिए उस पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए और इसी के आधार पर प्रतिबंध लगाया गया था. उनका कहना था, "अब यह राज्य सरकारों की भी ज़िम्मेदारी है कि वह भारत सरकार को सुबूत उपलब्ध करवाए जिससे कि सिमी पर प्रतिबंध को जारी रखा जा सके." उन्होंने जाँच को राज्य सरकारों की ज़िम्मेदारी बताते हुए कहा कि इन्हीं सब कारणों के चलते केंद्र सरकार एक केंद्रीय जाँच एजेंसी बनाने की बात कर रही है. उन्होंने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के ट्रिब्यूनल का फ़ैसला अभी सरकार को अधिकृत रुप से नहीं मिला है और फ़ैसला के विस्तृत अध्ययन के बाद ही आगे का फ़ैसला लिया जाएगा. लेकिन इस बीच मीडिया ने गृहसचिव मधुकर गुप्ता के हवाले से ख़बर दी है कि सरकार जल्दी ही इस प्रतिबंध को जारी रखने के लिए आवश्यक क़दम उठाएगी. यह आवश्यक क़दम सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाना हो सकता है. | इससे जुड़ी ख़बरें इंदौर में सिमी के नेता नागौरी गिरफ़्तार27 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस मालेगाँव धमाके: गुत्थी सुलझाने का दावा27 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सिमी नेताओं पर से मुक़दमे हटे06 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस मालेगाँव में धमाकों के बाद कई जगह कर्फ़्यू, तनाव08 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस हमें बेवजह बदनाम किया जा रहा है:सीमी13 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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