|
दलित की बेटी के ख़िलाफ़ साज़िश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विश्वास मत के बाद बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने कहा है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) हो या राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) कोई भी दलित की बेटी को प्रधानमंत्री बनते देखना नहीं चाहता. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर मनमोहन सरकार को बचाने का आरोप लगाया. उनका कहना था कि भाजपा ने कभी सरकार गिराने की कोशिश ही नहीं की. मायावती के मुताबिक इसकी वजह केवल एक थी कि भाजपा नेता उन्हें प्रधानमंत्री बनते नहीं देख सकते. इसीलिए जब सब ये कह रहे थे कि सरकार गिरने के बाद बाकी अवधि के लिए नई सरकार गठित की जा सकती है तो भाजपा नए चुनावों की बात कर रही थी. मायावती का कहना था कि एनडीए और यूपीए में भले ही कितने ही मतभेद हों, लेकिन मायावती को रोकने के मुद्दे पर वे एक हैं. उनका कहना था कि इसीलिए भाजपा ने सरकार बचाने की रणनीति पहले ही तैयार कर ली थी. ख़रीद फ़रोख्त के बारे में उनका कहना था कि ये भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिन है. उनका कहना था,'' बसपा के सभी सांसद एकसाथ रहे और किसी ने भी विश्वास मत के पक्ष में वोट नही दिया.'' मायावती का कहना था कि उन्हें अपने सांसदों पर गर्व है. |
इससे जुड़ी ख़बरें 19 मतों से विश्वासमत जीता यूपीए सरकार ने22 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस सरकार नैतिक रूप से हार गई है: आडवाणी22 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस राहुल, लालू भी बहस में शामिल हुए22 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस 'प्रधानमंत्री को इस्तीफ़ा देना चाहिए'22 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस नोटों की गड्डियाँ पेश, लोकसभा में हंगामा22 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस जेल से आए सांसदों पर हंगामा22 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||