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पाटिल की यात्रा पर हड़ताल का आहवान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल की भारत प्रशासित कश्मीर की यात्रा के मौक़े पर घाटी में बंद का आयोजन किया गया है. राष्ट्रपति पाँच दिवसीय यात्रा पर शुक्रवार को श्रीनगर पहुँची हैं. घाटी में अधिकतर दुकानें बंद हैं और यातायात पर भी असर पड़ा है. अधिकांश शैक्षणिक संस्थाएं भी बंद हैं और सरकारी दफ्तरों में भी उपस्थिति बहुत कम है. अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के आह्वान पर बंद का आयोजन किया गया है. नाराज़गी दरअसल, गिलानी कश्मीर विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ यानी सार्क देशों के लगभग 150 प्रतिनिधियों को बुलाए जाने की ख़बरों से ख़फ़ा हैं. कश्मीर विश्वविद्यालय परिसर में दक्षिण एशिया की महिला चित्रकारों की एक प्रदर्शनी का आयोजन प्रस्तावित है. विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि लगभग दो हफ़्ते तक चलने वाली इस प्रदर्शनी का उदघाटन अफ़ग़ानिस्तान की महिला मामलों के मंत्री एचबी गज़नफ़र करेंगे. गिलानी का कहना है कि सार्क देशों के प्रतिनिधियों को बुलाकर भारत सरकार दुनिया को कश्मीर के बारे में गुमराह करने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा, "भारत सरकार दुनिया को ये संदेश देना चाहती है कि कश्मीर में हालात सामान्य हो गए हैं और कश्मीर के लोग भारत के साथ खुश हैं." गिलानी ने कहा कि बंद से दुनिया को पता चल जाएगा कि कश्मीरी लोग 'भारत के साथ ख़ुश नहीं' हैं. भक्ति-सूफ़ी संस्कृति दक्षिण एशियाई फाउंडेशन (एसएएफ़) द्वारा स्थापित द इंस्टीट्यूट ऑफ़ कश्मीर ने पिछले साल कश्मीर विश्वविध्यालय के साथ एक सहमति पत्र पर दस्तख़त किए थे. एसएएफ़ के प्रवक्ता का कहना है कि संस्थान का उद्देश्य कश्मीर की भक्ति-सूफी-रिशि संस्कृति से दुनिया को रू-ब-रू कराना है. लेकिन गिलानी इस दलील से सहमत नहीं हैं. उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन परिसर का दुरुपयोग कश्मीरी युवाओं के भारतीयकरण के लिए कर रहा है. राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल की यात्रा के दौरान श्रीनगर में डल झील के किनारे पाकिस्तान के रॉक बैंड 'जूनून' का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया है. कश्मीर में सक्रिय चरमपंथी संगठन यूनाइटेड जेहाद काउंसिल यानी यूजेसी ने पाकिस्तान सरकार से बैंड को श्रीनगर आने से रोकने की मांग की है. यूजेसी के अध्यक्ष और चरमपंथी संगठन हिज़बुल मुजाहिद्दीन के सुप्रीम कमांडर सैयद सलाहुद्दीन ने कहा है कि पाकिस्तानी कलाकार सिर्फ़ उन आम कश्मीरियों के जख़्मों पर नमक ही छिड़केंगे जिन्हें पिछले 18 साल में सशस्त्र संघर्ष का दंश झेलना पड़ा है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'कश्मीर में हो भारत-पाक बातचीत'21 मई, 2008 | भारत और पड़ोस मुठभेड़ में छह चरमपंथी मारे गए17 मई, 2008 | भारत और पड़ोस जम्मू में फिर मुठभेड़, चरमपंथी की मौत12 मई, 2008 | भारत और पड़ोस भारत पाकिस्तान सीमा पर गोलीबारी09 मई, 2008 | भारत और पड़ोस कश्मीरी पंडितों ने की शिकायत07 मई, 2008 | भारत और पड़ोस कश्मीर सिंह की डायरी05 मई, 2008 | भारत और पड़ोस 'कश्मीर मसला बातचीत से हल हो'30 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस खिल उठे तेरा भी चमन, मेरा भी चमन...29 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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