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'परमाणु परीक्षण ने देश को मज़बूत किया' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में 1998 में किए गए परमाणु परीक्षणों के दस साल पूरे होने पर पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा है कि परमाणु हथियारों से देश मज़बूत हुआ है. उड़ीसा की यात्रा पर गए डॉक्टर कलाम ने कहा कि परमाणु परीक्षण करने का फ़ैसला बहुत महत्वपूर्ण था. उन्होंने कहा, "11 मई को परमाणु परीक्षण करने का भारत सरकार का फ़ैसला बहुत ही अहम था जिसने देश को मज़बूती दी." डॉक्टर कलाम उस समय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के प्रमुख थे और तत्कालनी प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के वैज्ञानिक सलाहकार भी. डॉक्टर कलाम ने 11 और 13 मई को हुए परीक्षणों में मुख्य भूमिका निभाई थी. पूर्व राष्ट्रपति ने उस समय को याद करते हुए कहा कि परमाणु परीक्षणों के बाद कई देशों ने भारत के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगा दिए लेकिन इससे भारत और शक्तिशाली ही बना. पोखरण पर राजनीति पोखरण परमाणु परीक्षण की दसवीं वर्षगांठ पर राजनीति भी तेज़ हो गई है. पोखरण परीक्षण के समय देश के गृह मंत्री रहे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाया है कि वो इस ऐतिहासिक मौके को अहमियत नहीं दे रही है. उन्होंने कहा कि ऐसा करके कांग्रेस पार्टी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का अपमान कर रही है जिन्होंने पहली बार वर्ष 1974 में पोखरण में परमाणु परीक्षण करने का फ़ैसला किया था. भाजपा नेता ने कहा कि सरकार का फ़ैसला रक्षा बलों और देश के वैज्ञानिकों का अपमान है. | इससे जुड़ी ख़बरें यूपीए-वाम दलों की बैठक 28 को फिर06 मई, 2008 | भारत और पड़ोस परमाणु संयंत्र की सुरक्षा पर बैठक13 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस 'अक़्लमंदी की आवाज़ सुनें'10 मई, 2008 | भारत और पड़ोस परमाणु परीक्षणों पर नाराज़गी | भारत और पड़ोस पोखरन संबंधित याचिका पर जवाब माँगा18 सितंबर, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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