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नेपाल में सैंकड़ों तिब्बती गिरफ़्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल पुलिस ने रविवार को सौ से ज़्यादा तिब्बती शरणार्थियों और बौद्ध भिक्षुओं को गिरफ़्तार किया है. ये काठमांडू में चीनी दूतावास में घुसने की कोशिश कर रहे थे. पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए लाठी चार्ज करना पड़ा. एक तिब्बती नेता ने बताया कि एक लड़की और एक बौद्ध भिक्षु लाठी चार्ज में बुरी तरह जख़्मी हुए हैं. नेपाल में हफ़्ते में तीसरी बार हज़ारों तिब्बतियों ने चीन के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया है. पुलिस ने 113 प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार किया. काठमांडू स्थित बीबीसी संवाददाता चार्ल्स हैवीलैंड का कहना है कि नेपाली सरकार इस तरह के प्रदर्शन के सख़्त ख़िलाफ़ है क्योंकि उन्हें अपने शक्तिशाली पड़ोसी के नाराज़ हो जाने का भय है. नेपाल का कहना है कि तिब्बत चीन का अभिन्न हिस्सा है. तिब्बत की निर्वासित सरकार का दावा है कि तिब्बत में चीनी शासन के ख़िलाफ़ हुए ताज़ा आंदोलन में लगभग 140 लोग मारे गए हैं. हालाँकि चीन यह संख्या 19 बता रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें तिब्बत पर चीन ने भारत से सहयोग माँगा30 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस भारत-चीन रिश्तेः कड़वाहट के संकेत?27 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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