BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मंगलवार, 18 मार्च, 2008 को 20:39 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'मुठभेड़ में 13 माओवादी मारे गए'

माओवादी
आँध्रप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर नक्सली गतिविधियाँ पिछसे सालों में तेज़ हुई हैं
पुलिस ने दावा किया है कि छत्तीसगढ़ और आँध्र की सीमा पर हुई एक मुठभेड़ में नक्सली संगठन सीपीआई-एमएल के 13 सदस्य मारे गए हैं.

इनमें तीन महिलाएँ भी शामिल हैं.

मुठभेड़ छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे ख़म्मम ज़िले में घने जंगलों में हुई.

ख़म्मम ज़िले के पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि यह घटना पामेद पुलिस स्टेशन क्षेत्र के तहत दारेली के जंगलों में सोमवार को हुई जो हैदराबाद से क़रीब 350 किलोमीटर दूर स्थित है.

घटना में किसी पुलिसकर्मी के मारे जाने या घायल होने की ख़बर नहीं है.

उन्होंने कहा, "मारे जाने वाले नक्सलवादियों को अभी तक पहचाना नहीं जा सका है लेकिन माना जा रहा है कि इनमें कम से कम छह लोग कमांडर और उच्च स्तर के नक्सलवादी थे."

पुलिस अधीक्षक का कहना है कि यह घटना तब हुई जब प्रदेश के ग्रेहाउंड कमांडो क्षेत्र की छानबीन कर रहे थे. उन्हें क्षेत्र में बड़ी संख्या में नक्सलियों के एकत्र होने की सूचना मिली थी.

पहली बार

महत्वपूर्ण है कि यह घटना छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और बीजापुर ज़िले के नज़दीक हुई. यह इलाका कई महीनों से नक्सल हिंसा का शिकार बना हुआ है.

पुलिस ने घटनास्थल से तीन एक-47 और चार अन्य राइफ़लों समेत अनेक हथियार बरामद किये.

चौहान ने कहा, "हमें लगता है कि 15 माओवादी मारे गए हैं लेकिन हमें अब तक सिर्फ़ 13 शव ही मिले हैं. हम बाक़ी शवों की तलाश कर रहे हैं."

वरवरा राव
माओवाद समर्थक कवि और नागरिक अधिकार कार्यकर्ता वरवरा राव ने इसे ‘झूठी मुठभेड़’ बताया

उन्होंने बताया कि यह मुठभेड़ दो घंटे तक चली.

यह पहली दफ़ा है जब एक ही घटना में बड़ी संख्या में माओवादी मारे गए हों. इससे पहले सात मार्च, 2005 को पुलिस से हुई एक मुठभेड़ में निज़ामाबाद ज़िले के कमेटी सचिव वेंकट स्वामी समेत दस माओवादी मारे गए थे.

इसी तरह काड़पा ज़िले में 28 अप्रैल, 2006 को नौ माओवादी मारे गए थे.

'झूठी मुठभेड़'

इस बीच, माओवाद समर्थक कवि और नागरिक अधिकार कार्यकर्ता वरवरा राव ने इस घटना को ‘झूठी मुठभेड़’ बताते हुए कहा कि अगर यह मुठभेड़ सच में हुई होती तो पुलिस को भी कुछ नुकसान उठाना पड़ता.

उन्होंने कहा, "यह एकतरफ़ा कार्रवाई थी और उस शिविर पर हमला किया गया जहाँ संगठन की योजनागत बैठक चल रही थी."

वारावारा राव ने कहा कि यह पुलिस का नियोजित हमला था जिसमें आंध्रप्रदेश के ख़म्मम ज़िले के पुलिस अधिकारी और छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और बीजापुर ज़िले के अधिकारी शामिल थे.

उन्होंने कहा, "पुलिस ने अपने इस अभियान के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल भी किया."

उन्होंने कहा कि यह बहुत निंदनीय है क्योंकि आंध्रप्रदेश में पहले ही पाँच सदस्यीय एक बेंच ने इसी तरह के मामले की सुनवाई पूरी की है.

उनका कहना है कि मामले में बेंच अपना फ़ैसला देने वाली है जिसमें संलिप्त पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ हत्या के आरोप भी लगाये जा सकते हैं.

इससे जुड़ी ख़बरें
पुलिस हिरासत में माओवादी नेता
25 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस
झारखंड में चरम पर नक्सलवाद
27 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>