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महिलाएँ करेंगी सीमा की सुरक्षा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं ने कई ऐसे क्षेत्रों में क़दम रखा है जो पहले पुरुष प्रधान माने जाते रहे हैं. अब देश की सीमा की रक्षा करने की ज़िम्मेदारी भी महिलाओं को सौंपी गई है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक भारत सरकार ने सीमा सुरक्षा बल के लिए 750 महिला कॉन्सटेबल को भर्ती करने का फ़ैसला किया है. गृह मंत्रालय ने दो लाख से भी ज़्यादा कर्मचारियों वाले बीएसएफ़ के लिए महिला कॉन्सटेबल को भर्ती करने के लिए अधिसूचना जारी की है. बीएसएफ़ के महानिदेशक एके मित्रा ने कहा है कि इनमें से 650 को पंजाब में तैनात किया जाएगा जबकि बाक़ी को पश्चिम बंगाल भेजा जाएगा. एके मित्रा ने बताया कि गृह मंत्रालय सीआरपीएफ़ को भी कहेगा कि वो बीएसएफ़ को कुछ महिला अधिकारी दे. सीमा सुरक्षा बल में मंत्रालय स्तर पर तो महिलाएँ पहले से ही हैं लेकिन ये पहली बार है कि बीएसएफ़ सीमा की सुरक्षा के लिए महिलाओं को भर्ती करेगा. बीएसएफ़ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि महिलाओं को सीमा से सटे इलाक़ों में भेजा जाएगा और सीमा के आर-पार महिलाओं की गतिविधियों को देखते हुए इसे अहम माना जा रहा है. लेकिन साथ ही उनका कहना था कि सीआरपीएफ़ की तरह बीएसएफ़ सिर्फ़ महिलाओं का बटालियन अभी तैयार नहीं कर रहा है. अर्धसैनिक बलों में सीआरपीएफ़ को दो महिला बटालियन हैं. इसके अलावा 100 महिलाओं का एक गुट लाइबेरिया में भी है जो संयुक्त राष्ट्र शांतिबल का हिस्सा है. गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने पुलिसबल में महिलाओं की संख्या में बढ़ोत्तरी पर ज़ोर दिया है. उन्होंने उम्मीद जताई है कि अगले दस सालों में पुलिसबल का 10 फ़ीसदी हिस्सा महिलाएँ होंगी. | इससे जुड़ी ख़बरें व्यापार में महिलाओं की भागीदीरी पर चर्चा27 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस मुंबई की सड़कों के नए हमसफ़र23 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस नए साल में महिलाओं के साथ बदसलूकी02 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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