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बर्मा में 2010 में होगा चुनाव | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बर्मा में सैन्य शासन ने कहा है कि वहाँ मई में संवैधानिक जनमतसंग्रह होगा जिसके बाद 2010 में आम चुनाव करवाया जाएगा. शासन ने पहले भी लोकतंत्र के लिए रोडमैप की बात की थी लेकिन कोई ठोस समयसारिणी नहीं दी थी. चुनाव करवाने की घोषणा सरकारी रेडियो और टेलीवीज़न पर की गई. शनिवार को की गई घोषणा में कहा गया है कि नए संविधान के तहत बहुदलीय लोकतांत्रिक चुनाव 2010 में करवाए जाएँगे. शासन ने कहा है, "सैन्य प्रशासन से लोकतांत्रिक प्रशासन की ओर जाना ठीक रास्ता है. देश में आधारभूत ढाँचा तैयार है लेकिन देश की भलाई के लिए और काम किया जाना बाक़ी है." बर्मा के लोगों ने 1990 के बाद से मतदान में हिस्सा नहीं लिया है. उस समय एनएलडी ( नेशनल लीग फ़ॉर डेमोक्रसी) ने चुनाव जीता था लेकिन सेना ने उसे अवैध करार दे दिया था. पिछले दो दशकों से बर्मा में कोई संविधान नहीं है. एक नया संविधान लिखा जा रहा है और इसका काम अंतिम चरण में है. ये काम सेना के जनरलों द्वारा नियुक्त लोग कर रहे हैं जिसमें एनएलडी के सदस्य शामिल नहीं है. संयुक्त राष्ट्र और पश्चिमी देशों ने संविधान तैयार करने के इस काम को लीपापोती बताया है. | इससे जुड़ी ख़बरें थाईलैंड में महिलाओं का 'आदमीखाना'30 जनवरी, 2008 | पहला पन्ना बर्मा में स्थिति बेहतर हो रही है:गंबारी14 नवंबर, 2007 | पहला पन्ना 'मून ने बर्मा सरकार की आलोचना की'10 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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