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बाग़ी एलटीटीई नेता करुणा को जेल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका में तमिल विद्रोहियों की संस्था एलटीटीई के बाग़ी नेता कर्नल करुणा को ग़लत पहचान पत्र रखने के आरोप में ब्रिटेन में नौ महीने जेल की सज़ा सुनाई गई है. पिछले साल कर्नल करुणा को लंदन में गिरफ़्तार किया गया था. उनके पास श्रीलंका का वैध कूटनीतिक पासपोर्ट था लेकिन वह किसी और नाम से जारी किया गया था. शुक्रवार को कर्नल करुणा ने अदालत में कहा कि श्रीलंका सरकार से उन्हें यह झूठा पासपोर्ट मिला था. उनका कहना था कि राष्ट्रपति महेंद्रा राजपक्षे के भाई और श्रीलंका के रक्षा सचिव ने उनके लिए पासपोर्ट का इंतज़ाम किया था. कर्नल करुणा ने वर्ष 2004 में एलटीटीई से बग़ावत कर दी थी और इसके बाद से वह सेना के साथ काम कर रहे थे. उन पर आरोप है कि एलटीटीई में रहते हुए और उससे बग़ावत करने के बाद भी वह लोगों को प्रताड़ित करते रहे, हत्याएँ कीं और अपनी 'फ़ौज' में बच्चों को भर्ती किया. ब्रिटेन की मानवाधिकार संसथाएँ चाहती हैं कि कर्नल करुणा पर युद्धापराध का मुक़दमा भी चलना चाहिए. हालांकि इन संस्थाओं का कहना है कि गवाह कर्नल करुणा के ख़िलाफ़ सामने नहीं आना चाहते. | इससे जुड़ी ख़बरें करुणा की गिरफ़्तारी पर ब्रिटेन की चुप्पी09 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस कर्नल करुणा ब्रिटेन में गिरफ़्तार03 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'एलटीटीई विद्रोहियों ने विरोधियों को मारा'30 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस कर्नल करूणा के भाई की हत्या23 सितंबर, 2004 | भारत और पड़ोस कर्नल करूणा को खोज रही है एलटीटीई 14 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस करुणा:एक चालाक गुरिल्ला रणनीतिज्ञ05 मार्च, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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