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विपक्षियों का बिहार बंद का आह्वान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पिछले दिनों कहलगाँव में हुई पुलिस फ़ायरिंग के विरोध में विपक्षी दलों ने शुक्रवार को बिहार बंद का आह्वान किया है. राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के बंद के इस आह्वान को कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (सीपीआई) और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने समर्थन देने की घोषणा की है. सरकार ने सभी ज़िलों में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं और कई ज़िलों में अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है. गुरुवार को लोकजनशक्ति पार्टी (एलजेपी) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी-लेनिनवादी) ने भी इसी मुद्दे पर बंद का आह्वान किया था. लेकिन बीबीसी के पटना संवाददाता मणिकांत ठाकुर का कहना है कि इस बंद का कोई व्यापक असर देखने को नहीं मिला. विरोध भागलपुर ज़िले के कहलगाँव में एनटीपीसी का एक बड़ा कारखाना है और लोगों का आरोप है कि इसके बाद भी उन्हें पर्याप्त बिजली नहीं मिल पाती. गत 17-18 जनवरी को नियमित बिजली आपूर्ति की माँग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने फ़ायरिंग की थी जिसमें कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई थी. राज्य सरकार का कहना है कि केंद्र उसके कोटे की बिजली भी मुहैया नहीं करवा रहा है जबकि केंद्र सरकार में शामिल बिहार के राजनीतिक दलों का कहना है कि राज्य सरकार बिजली आपूर्ति का प्रबंध नहीं कर पा रही है. मुख्य विपक्षी दल आरजेडी ने इसके ख़िलाफ़ 20 जनवरी को राज्यव्यापी कालादिवस मनाने की घोषणा की थी लेकिन उसका कोई बड़ा असर राज्य में नहीं दिखाई पड़ा था. समाचार एजेंसियों के अनुसार शुक्रवार के बंद के आह्वान को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं और कई ज़िलों में अर्धसैनिक बलों की भी तैनाती की गई है. अधिकारियों के अनुसार बंद के दौरान रेल और सड़क यातायात को सुचारु रुप से चलाने के भी इंतज़ाम किए गए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें पुलिस फ़ायरिंग के विरोध में कालादिवस20 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस बिहारः पुलिस कार्रवाई में तीन की मौत19 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस तीन राज्यों में माओवादियों का बंद19 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बिहार बंद का आंशिक असर02 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पत्रकारों पर हमले के विरोध में बिहार बंद01 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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