|
मलेशिया के तमिलों का मुद्दा संसद में उठा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मलेशिया में भारतीय मूल के तमिल लोगों के साथ हो रहे कथित बुरे बर्ताव का मुद्दा भारतीय संसद में उठा है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि दुनिया के किसी भी भाग में जब भारतीय मुश्किल का सामना करते हैं तो सरकार को चिंता होती है. समाचार एजेंसियों के अनुसार इस विषय पर पत्रकारों के सवाल का सतर्कतापूर्ण जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "दुनिया के किसी भी हिस्से में जब भारतीय लोग मुश्किल का सामना करते हैं तो सरकार को चिंता होती है." प्रधानमंत्री ने इस मामले में कुछ और कहने से इनकार कर दिया. उनका कहना था कि संसद का सत्र चल रहा है और विदेश मंत्री इस विषय पर बयान देंगे. सांसदों की चिंता उधर राज्यसभा में शून्यकाल में इस मुद्दे पर बयान देते हुए संसदीय कार्यों के राज्यमंत्री सुरेश पचौरी ने कहा कि सरकार इस मामले को मलेशिया सरकार के साथ उठाएगी. पचौरी ने कहा, "इस मामले को राजनयिक स्तर पर उठाया जा रहा है." शुक्रवार को राज्यसभा में सदस्यों ने इस संदर्भ में मलेशिया की सरकार के एक मंत्री की तमिलनाडु के मुख्यमंत्री करुणानिधि पर की गई टिप्पणी का मुद्दा उठाया. समाचार एजेंसियों के अनुसार मलेशियाई मंत्री की ओर से कहा गया था कि करुणानिधि मलेशिया में जो घट रहा है उससे परे रहें. राज्यसभा में द्रविड़ मुनेत्र कषगम यानी डीएमके के आर शानमुगासमुद्रम ने सरकार का ध्यान मुख्यमंत्री करुणानिधि पर की गई टिप्पणी की ओर दिलाया. उन्होंने कहा, "यह निंदनीय है. मलेशिया के मंत्री को इस तरह की बात कहने का कोई अधिकार नहीं है. भारत सरकार को इस मामले में आवश्यक कदम उठाने चाहिए." भाजपा के एसएस आहलुवालिया ने मांग की कि सरकार इस मामले पर मलेशिया के राजदूत से स्पष्टीकरण मांगे. कांग्रेस के बीएस गनानादेसीकान ने भी मुख्यमंत्री करुणानिधि पर की गई टिप्पणी पर चिंता जताई. | इससे जुड़ी ख़बरें मलेशिया में भगदड़31 जुलाई, 2002 | पहला पन्ना अवैध आप्रवासियों को कोड़े10 अगस्त, 2002 | पहला पन्ना मलेशिया को ज़रूरत भारतीय नाइयों की10 दिसंबर, 2003 | पहला पन्ना आसियान देशों का शिखर सम्मेलन शुरु12 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना मलेशिया में हिंदुओं का आंदोलन तेज़26 नवंबर, 2007 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||