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'यूपी सरकार को चेतावनी दी गई थी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के गृह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार को ऐसी चेतावनी दी गई थी कि सार्वजनिक स्थानों पर हमले हो सकते हैं. ग़ौरतलब है कि वाराणसी, फ़ैज़ाबाद और लखनऊ के अदालत परिसर में हुए धमाकों के बाद मुख्यमंत्री मायावती ने इसे केंद्रीय ख़ुफ़िया तंत्र की नाकामी करार दिया था. इन धमाकों में 13 लोगों की जानें गई थीं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि राज्य सरकार को केंद्र की ओर से किसी तरह की ख़ुफ़िया रिपोर्ट नहीं मिली थी. दूसरी ओर श्रीप्रकाश जायसवाल का कहना है कि केंद्रीय एजेंसिया लगातार चरमपंथी गतिविधियों के बारे में राज्यों को सतर्क करती रही है. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक स्थानों पर चरमपंथी हमले की आशंका के बारे में राज्य सरकार को सतर्क किया गया था. जाँच जारी इस बीच उत्तर प्रदेश पुलिस ने बताया है कि शुक्रवार को हुए धमाकों की जाँच स्पेशल टास्क फ़ोर्स (एसटीएफ़) कर रही है. ऐसी संभावना है कि एसटीएफ़ राज्य के विभिन्न जेलों में क़ैद संदिग्ध चरमपंथियों से भी पूछताछ करेगी. केंद्रीय फ़ोरेंसिक जाँच टीम भी वाराणसी पहुँची है जो स्वतंत्र रूप से धमाकों के कुछ पहलुओं की जाँच करेगी. | इससे जुड़ी ख़बरें विस्फोट के विरोध में बंद का आह्वान24 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस विस्फोट के बाद घटनास्थल का मंज़र23 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस संदिग्ध चरमपंथियों का स्केच जारी23 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस सिलसिलेवार धमाकों में तेरह मारे गए23 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस प्रधानमंत्री ने धमाकों की निंदा की23 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस न्यायिक हिरासत में भेजे गए 'चरमपंथी'17 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'राहुल गांधी के अपहरण की योजना थी'16 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'पुलिस भर्ती के लिए स्वतंत्र आयोग बने'01 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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