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नए दलाई लामा की खोज कैसे होगी? | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में निर्वासन में रह रहे तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा ने कहा है कि वे अपने उत्तराधिकारी के चुनाव के मामले में सदियों पुरानी परंपरा में बदलाव करने पर विचार कर रहे हैं. माना जाता है कि दलाई लामा के निधन के बाद उनका पुनर्जन्म होता है और उस बच्चे की खोज धर्मगुरू करते हैं. लेकिन मौजूदा दलाई लामा ने जापान में कहा है कि वे इस प्रक्रिया में चीनी हस्तक्षेप से बचने के उपाय खोज रहे हैं. दलाई लामा ने जापान के एक अख़बार को दिए इंटरव्यू में कहा है कि वह अपना उत्तराधिकारी अपने जीवनकाल में चुन सकते हैं या धर्मगुरुओं को यह काम सौंप सकते हैं. अगर ऐसा होता है तो यह परंपरा से अलग होगा. बौद्ध धर्म के अनुयायी मानते हैं कि वर्तमान दलाई लामा पहले के दलाई लामाओं के ही अवतार हैं यानी कि उनका ही पुनर्जन्म हुआ है. हस्तक्षेप शीर्ष धर्मगुरुओं के एक समूह ने पिछले दलाई लामा की मौत के समय ही जन्मे एक बच्चे की खोज में ग्रामीण तिब्बत की काफ़ी ख़ाक छानी थी और तब जा कर वर्तमान दलाई लामा को ढूंढ़ा था. एक बच्चे के रूप मे उन्होंने पिछले दलाई लामा की तसबीह और अवशेषों को सफलता पूर्वक पहचान लिया था. असल में चीनी हस्तक्षेप से बचने के लिए ही दलाई लामा ने इस तरह के क़दम के बारे में सोचा है. जब उन्होंने तिब्बती धर्म में दूसरे सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति पंचम लामा के लिए छह वर्ष के बच्चे को चुना था तो चीन ने उसे क़ैद कर लिया और फिर उसके बदले तिब्बत में चीनी सत्ता के समर्थक व्यक्ति को चुन लिया था. दलाई लामा कई बार कह चुके हैं कि अगर उनका पुनर्जन्म होता है तो वह चीन शासित प्रदेश या किसी ऐसी जगह पर नहीं होगा जो स्वतंत्र नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'अभियान पर असर नहीं' | भारत और पड़ोस हू जिंताओ के दौरे के ख़िलाफ़ प्रदर्शन20 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस चीन ने तिब्बत तक पहली रेल लाइन बनाई16 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस दलाई लामा की सुरक्षा बढ़ाई गई05 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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