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चीन ने तिब्बत तक पहली रेल लाइन बनाई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन ने घोषणा की है कि तिब्बत तक पहली रेल लाइन बनाने का काम पूरा हो गया है. ये दुनिया की सबसे ऊंची रेल लाइनों में से एक है. ये रेल लाइन समुद्र तल से 5072 मीटर यानि 16640 फ़ीट ऊपर है और तिब्बत के बर्फ़ीले पठार से होकर गुज़रती है. तिब्बत के पठार को रूफ़ ऑफ़ द वर्ल्ड यानि दुनिया की छत कहा जाता है. इस लाइन पर चलने वाली ट्रेन में ख़ास तरह के डिब्बे होंगे. ऊँचाई पर रहने से होने वाली बीमारी यानि एलटिट्यूड सिकनेस से लोगों को बचाने के लिए डिब्बों को हवाईजहाज़ के डिब्बों की तरह सील किया जाएगा. समाचार एजेंसी शिनहुआ ने कहा है कि 1142 किलोमीटर लंबी इस लाइन के आख़िरी चरण पर तीन अरब डॉलर खर्च किए गए हैं. इस रेल लाइन के निर्माण में लगे लोगों को साँस लेने के लिए ऑक्सीजन का इस्तेमाल करना पड़ता था क्योंकि ये काफ़ी ऊँचाई पर है. चीन का कहना है कि इस रेल लाइन से तिब्बत के विकास में मदद मिलेगी. उम्मीद की जा रही है कि इस लाइन पर अगले साल तक रेल दौड़ने लगेगी. लेकिन इस लाइन के खोले जाने से पहले ही इसके भविष्य को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. राष्ट्रीय मौसम केंद्र ने कहा है कि तापमान में बढ़ोतरी से 2050 तक इसके कामकाज पर असर पड़ने लगेगा. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||