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पत्नी, पहरेदार, पाप मुक्ति का सहारा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
शादियाँ तो बहुत होती रहती हैं लेकिन चर्चा तब होती है जब बड़े लोगों की शादी हो या फिर वैसी जैसी पी सेल्वाकुमार ने की है. जोड़ियाँ कई बार बेमेल होती हैं लेकिन जब दुल्हन चौपाया हो तो चर्चा होना लाजिमी है. तमिलनाडु के एक हिंदू मंदिर में अंधविश्वास के नए मानदंड स्थापित करते हुए सेल्वाकुमार ने परंपरागत हिंदू रीति से एक कुतिया को अपनी पत्नी बनाया. सेल्वकुमार का मानना है कि इस शादी के बाद उन पर लगा अभिशाप समाप्त हो जाएगा. शिवगंगा ज़िले के 33 वर्षीय तमिल युवक ने बरसों पहले एक कुत्ते और एक कुतिया को उस वक़्त पत्थरों से मार डाला था जब वे मैथुनरत थे. सेल्वकुमार का मानना है कि इसी पाप की वजह से उन्हें लकवा मार गया और उनकी सुनने की शक्ति चली गई. उन्हें एक ज्योतिषी ने बताया कि अगर वे किसी कुतिया से विधिवत विवाह कर लें तो उन्हें इस अभिशाप से मुक्ति मिल सकती है. दुल्हन को नारंगी रंग की साड़ी और फूलों की माला पहनाई गई थी जबकि दूल्हे ने सफ़ेद रंग की नई धोती पहनी थी. दुल्हन को बाक़ायदा मंगलसूत्र भी पहनाई गई. जुलूस की शक्ल में बारात दुल्हन के साथ मंदिर पहुँची, विवाह के शुभ अवसर पर दुल्हन को पावरोटी खिलाई गई जबकि दूल्हे और उसके रिश्तेदारों ने बढ़िया खाना खाया. दुल्हे ने सात फेरे लेने के बाद जीवन भर दुल्हन का साथ देने का वचन भी दिया, शादी में मौजूद लोगों का मानना था कि अब सेल्वाकुमार के पाप धुल जाएँगे. |
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