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विद्रोहियों ने दी जवाबी हमले की धमकी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका के तमिल विद्रोहियों ने संगठन के दूसरे शीर्ष नेता एसपी तमिलचेल्वन की मौत के बाद एलटीटीई के प्रमुख ने जवाबी हमले की चेतावनी दी है. श्रीलंकाई सेना के साथ तमिल विद्रोहियों की लड़ाई तेज़ होने की आशंका बढ़ गई है. शुक्रवार को श्रीलंका वायुसेना के हमले में एलटीटीई की राजनीतिक इकाई के प्रमुख तमिलचेल्वन की मौत हो गई थी. हमले के वक़्त तमिलचेल्वन संगठन के दूसरे नेताओं के साथ बैठक कर रहे थे. विद्रोहियों के शीर्ष नेता वेलुपिल्लई प्रभाकरन अपने भरोसेमंद साथी की मौत पर शोक जताने के लिए लोगों के सामने आए. आम तौर पर प्रभाकरण को सार्वजनिक रूप से कम दी देखा जाता है. प्रभाकरण को खुले ताबूत में रखे गए तमिलचेल्वन के शव के पास शोकाकुल देखा गया. उनके शव को एलटीटीई के झंडे में लपेट कर रखा गया था. गहरा सदमा कभी-कभार ही बयान जारी करने वाले प्रभाकरन ने कहा कि यह मौत "एक अतुलनीय क्षति" है. प्रभाकरन ने कहा, "हमारे लोग गहरे सदमे और शोक में हैं." प्रभाकरन ने कहा, "सरकार के भेजे ज़ंग के गिद्ध बड़े-बड़े बम गिरा रहे हैं. इसने हमारे शांतिदूत को निर्ममता से मार दिया है." एसपी तमिलचेल्वन ने 2006 के अंत में श्रीलंका सरकार के साथ शांति वार्ता के आख़िरी दौर के दौरान एलटीटीई के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था. तमिल विद्रोहियों के प्रवक्ता रासिया इलनथिरैयन ने बीबीसी से कहा कि इस हत्या का जवाब शब्दों से नहीं, हमलों से दिया जाएगा.
जवाबी कार्रवाई के तौर-तरीकों पर प्रवक्ता ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. प्रवक्ता ने बस इतना कहा कि यह एक चौंकाने वाली कार्रवाई होगी. श्रीलंका सरकार ने तमिलचेल्वन की मौत को एक बड़ी उपलब्धि क़रार दिया है. सेना के हवाई हमले में पांच और विद्रोही मारे गए थे. अपने कब्ज़े वाले इलाकों में एलटीटीई ने तीन दिनों के शोक की घोषणा की है. पिछले साल विद्रोहियों के मुख्य प्रवक्ता एंटोन बालासिंघम की भी मौत हो गई थी. निशाना श्रीलंका सरकार के रक्षा सचिव गोटाबाया राजपक्षा ने कहा, "अगर हम चाहें तो उन्हें एक-एक कर निशाना बना सकते हैं इसलिए उन्हें अपना ठिकाना बदल लेना चाहिए." तमिल विद्रोहियों ने तमिलचेल्वन की जगह पर संगठन के पुलिस प्रमुख पी नादेसन को नियुक्त किया है. नादेसन दोनों पदों का काम देखेंगे. श्रीलंकाई वायुसेना के इस हमले से पहले तमिल विद्रोहियों ने पिछले सप्ताह अनुराधापुरा में सेना के हवाई ठिकाने पर हमला किया था. इसमें सुरक्षा बल के 14 जवान मारे गए थे. तमिल विद्रोही श्रीलंका के उत्तर-पूर्व में तमिलों के लिए एक स्वायत्त इलाके की मांग कर रहे हैं. 20 साल से चल रही इस लड़ाई में अब तक क़रीब 70 हज़ार लोग मारे जा चुके हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें तमिल विद्रोहियों को श्रीलंका ने मान्यता दी10 मई, 2004 | भारत और पड़ोस क्या है श्रीलंका का तमिल संकट02 मई, 2004 | भारत और पड़ोस एलटीटीई और सेना के बीच बातचीत15 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस एयरबेस पर एलटीटीई का हमला, कई मरे22 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका की तमिल समस्या13 मई, 2006 | पहला पन्ना कर्नल करुणा ब्रिटेन में गिरफ़्तार03 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस एलटीटीई के हमले में तीस मरे22 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस हवाई हमले में एलटीटीई नेता की मौत02 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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