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भूटान में प्रदूषण के खिलाफ़ मुहिम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भूटान में अधिकारियों ने राजधानी थिंपू में प्रदूषण और कूड़े पर रोक लगाने के लिए एक क़ानून पारित किया है. थिंपू के एक अधिकारी ने बताया कि नए क़ानून के तहत कूड़ा और प्रदूषण कम करने और कूड़े का दोबारा इस्तेमाल करने को प्रोत्साहित किया जाएगा. क़ानून में उन लोगों के लिए सज़ा का प्रावधान है जो थिंपू में प्रदूषण फैलाएंगे या अवैध रूप से कूड़ा-कचरा फेंकेंगे. जानकारों का कहना है कि अगर यह योजना सही तरीके से लागू की गई तो थिंपू दक्षिण एशिया का सबसे स्वच्छ शहर बन सकता है. पिछले हफ्ते थिंपू नगर निगम कूड़ा प्रबंधन नियम 2007 पारित किया गया है जिसके तहत थिंपू की सीमाओं में कूड़ा जलाना, पेशाब करना या मल त्याग करने पर 450 डॉलर का जुर्माना लगाया गया है. थिंपू नगर निगम के अधिकारी उग्येन दोरजी का कहना था, "हमें कूड़े के प्रबंधन के लिए सख़्त क़ानून की ज़रूरत थी." दोरजी का कहना था कि नगर निगम ने दस निरीक्षकों को नियुक्त किया है जो नए नियम लागू करेगी. आगे चलकर दस और निरीक्षक नियुक्त किए जाएंगे. उनका कहना था कि ये निरीक्षक शहर में घूमेंगे और क़ानून का उल्लंघन होने पर जुर्माना लगाएंगे. दोरजी ने बताया कि अगर बच्चों को थिंपू की सीमाओं में सड़कों पर मल त्याग करते हुए पाया गया तो उनके अभिभावक जुर्माना देंगे. थिंपू में प्रतिदिन 35 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है जिसकी मात्रा 2002 में मात्र 11 मीट्रिक टन था. | इससे जुड़ी ख़बरें प्लास्टिक बैगों पर प्रतिबंध | भारत और पड़ोस भोपाल जैसे गैस हादसे की आशंका01 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस कोलकाता में पुराने वाहनों पर प्रतिबंध17 मई, 2005 | भारत और पड़ोस गंगोत्री की काँवड़ यात्रा से चिंता10 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस अमरनाथ यात्रा से प्रदूषण पर चिंता28 जून, 2006 | भारत और पड़ोस अर्ध कुंभ के मद्देनज़र 80 कारखाने बंद15 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस पानी के बड़े संकट की ओर जाता छत्तीसगढ़31 मई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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