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मुशर्रफ़ का पर्चा मंज़ूर, प्रदर्शनों पर लाठी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के चुनाव आयोग में शनिवार को राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की जाँच - पड़ताल के मौक़े पर इस्लामाबाद में आयोग की इमारत के सामने वकीलों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया है जिसमें अनेक लोग घायल हो गए. इस बीच चुनाव आयोग ने शनिवार को राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के नामांकन पत्र को मंज़ूरी दे दी है यानी छह अक्तूबर को होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए उनकी उम्मीदवारी पक्की हो गई है. चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी कंवर दिलशाद ने समाचार एजेंसियों को बताया कि परवेज़ मुशर्रफ़ का नामांकन पत्र सही पाया गया है और उनकी उम्मीदवारी को मंज़ूरी दे दी गई है. चुनाव आयोग को राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए कुल 43 नामांकन पत्र मिले थे जिनमें से उसने सिर्फ़ छह को सही पाया और मंज़ूरी दी. मंज़ूरी दिए गए नामांकन पत्रों में परवेज़ मुशर्रफ़ के मुख्य प्रतिद्वंद्वी वजीहु्ददीन अहमद भी शामिल हैं जो रिटायर्ड जज हैं और उन्हें वकीलों ने अपना उम्मीदवार बनाया है. पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के उपाध्यक्ष मख़दूम अमीन फ़हीम का नामांकन पत्र भी सही पाया गया है और उनकी उम्मीदवारी को भी मंज़ूर कर लिया गया है. ग़ौरतलब है कि एक दिन पहले ही यानी शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने उन याचिकाओं को ख़ारिज कर दिया था जिनमें राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए परवेज़ मुशर्रफ़ की उम्मीदवारी को चुनौती दी गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले में कहा था कि ये याचिकाएँ अमल के योग्य नहीं हैं इसलिए इन्हें ख़ारिज किया जाता है. छह अक्तूबर को पाकिस्तान की राष्ट्रीय और प्रांतीय एसेंबलियाँ राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान करेंगी. संभावना है कि पाकिस्तान में जनवरी 2008 में आम चुनाव होंगे और इन मौजूदा एसेंबलियों को तब भंग कर दिया जाएगा. विरोध प्रदर्शन ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान के कुछ वकील राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ का सेनाध्यक्ष पद पर रहते हुए दोबारा चुनाव लड़े जाने का विरोध कर रहे हैं.
इस्लामाबाद में शनिवार को प्रदर्शन उस समय शुरू हो गए जब प्रधानमंत्री शोक़त अज़ीज़ चुनाव आयोग की इमारत में पहुँचे. अज़ीज़ ने ही आधिकारिक रूप से परवेज़ मुशर्रफ़ की उम्मीदवारी का प्रस्ताव रखा था और वह शनिवार को इस कोशिश में चुनाव आयोग पहुँचे कि अगर नामांकन पत्र की जाँच-पड़ताल में किसी सूचना की ज़रूरत होगी तो वे वहाँ पेश कर सकेंगे. उधर कराची और सूबा सरहद में भी वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किए हैं. कराची में हुए प्रदर्शन पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया और चार वकीलों को गिरफ़्तार भी किया गया है. इस्लामाबाद में प्रदर्शनकारी वकीलों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया और आँसू गैस के गोले छोड़े और बहुत से प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार भी किया गया. मौक़े पर मौजूद लोगों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को चुनाव आयोग की इमारत तक जाने से रोकने के लिए सादा कपड़ों में पुलिसकर्मियों ने एक दीवार बना दी और उन्हें आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की. बस यहीं प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़पें हुईं जिनमें अनेक प्रदर्शनकारी ज़ख़्मी हो गए. | इससे जुड़ी ख़बरें वर्दी के साथ चुनाव लड़ने की अनुमति28 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में दो दशक का घटनाक्रम28 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस राष्ट्रपति नहीं तो सेनाध्यक्ष ही सही25 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'मुशर्रफ़ सेनाध्यक्ष का पद छोड़ देंगे'18 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान राष्ट्रपति चुनाव छह अक्तूबर को20 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ ने की सेना में अहम नियुक्तियाँ21 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पाक में विपक्षी नेता हिरासत में लिए गए23 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान के हालात पर अमरीका 'चिंतित'24 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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