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बेनज़ीर ने क़दीर ख़ान मामला उछाला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की अध्यक्षा बेनज़ीर भुट्टो के उस बयान की आलोचना की है जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर उनकी पार्टी सरकार में आती है तो अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को परमाणु वैज्ञानिक डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान से मिलने की इजाज़त दी जाएगी. लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि बेनज़ीर भुट्टो ने क़दीर ख़ान से आईएईए प्रतिनिधियों को सीधे बातचीत करने की इजाज़त देने की बात कही है या फिर अप्रत्यक्ष रूप से. मंगलवार को अमरीका की राजधानी वाशिंगटन में मध्य पूर्व संस्थान में भाषण देते हुए बेनज़ीर भुट्टो ने हालाँकि यह भी कहा था कि इसके बावजूद परमाणु वैज्ञानिकों के मामले में पश्चिमी देशों का कोई दबाव भी सहन नहीं किया जाएगा. पाकिस्तान के सीनेटर और सूचना और प्रसारण मंत्री तारिक़ अज़ीम ने बेनज़ीर भुट्टो के इस बयान की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने अब्दुल क़दीर ख़ान के मामले की पहले ही जाँच कराई है और अगर आगे भी कोई ज़रूरत पड़ी तो और जाँच कराई जा सकती है. तारिक़ अज़ीम ने कहा कि देश के हित पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और न ही देश के परमाणु कार्यक्रम के मामले में किसी विदेशी ताक़त का कोई हस्तक्षेप बर्दाश्त किया जाएगा. उन्होंने कहा, जहाँ तक अब्दुल क़दीर ख़ान के मामले का संबंध है तो सरकार ने उस मामले की व्यापक जाँच कराई है और हर कोई उस जाँच से संतुष्ट है, अब इस मामले को फिर से खोलने की कोई ज़रूरत नहीं है. अगर कोई नई जानकारी प्रकाश में आती है और अगर ज़रूरत महसूस होती है तो पाकिस्तान सरकार ख़ुद मामले की दीगर जाँच-पड़ताल करेगी. पाकिस्तान के रेल मंबी शेख़ रशीद अहमद ने भी बेनज़ीर भुट्टो के बयान पर चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा है कि पाकिस्तान सरकार अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान से मिलने की कभी इजाज़त नहीं देगी. शेख़ रशीद अहमद ने पाकिस्तान के आज टेलीविज़न से बातचीत करते हुए कहा कि अगर परमाणु ऊर्जा एजेंसी डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान के बारे में कुछ और जानकारी हासिल करना चाहती है तो पाकिस्तान सरकार ख़ुद इस मामले को बेहतर तरीके से संभाल सकती है और बेनज़ीर भुट्टो को इस मामले में पड़ने की कोई ज़रूरत नहीं है. शेख़ रशीद अहमद ने कहा, "यह देश का आंतरिक मामला है और डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान अब भी एक राष्ट्रीय हीरो हैं." उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि कुछ नीहित स्वार्थों वाली ताक़तें पाकिस्तान के हितों के ख़िलाफ़ काम कर रही हैं और बेनज़ीर भुट्टो का बयान सिर्फ़ पश्चिमी देशों को संबोधित था, "डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान को न तो किसी को सौंपा जाएगा और न ही किसी एजेंसी को सीधे उनसे मिलने की इजाज़त ही दी जाएगी." शेख़ रशीद अहमद ने कहा कि यह राष्ट्रीय हितों और सम्मान का मामला है और सरकार इस मामले में कोई लचीलापन नहीं दिखाएगी, "हम इस मामले में कोई समझौता नहीं कर सकते और बेनज़ीर भुट्टो का यह बयान निंदनीय है." ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान के परमाणु वैज्ञानिक डॉक्टर अब्दुल क़दीर पर आरोप लगे थे कि उन्होंने लीबिया और ईरान को परमाणु तकनीक लीक की थी जिसके बाद पाकिस्तान सरकार ने उन्हें आम माफ़ी देने के बाद नज़रबंद कर दिया था. | इससे जुड़ी ख़बरें 'मुशर्रफ़ सेनाध्यक्ष का पद छोड़ देंगे'18 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ जेहाद का ऐलान20 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान राष्ट्रपति चुनाव छह अक्तूबर को20 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ ने की सेना में अहम नियुक्तियाँ21 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पाक में विपक्षी नेता हिरासत में लिए गए23 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान के हालात पर अमरीका 'चिंतित'24 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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