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मधेशी नेता की हत्या के बाद कर्फ़्यू | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में एक मधेशी नेता की हत्या के बाद दक्षिण-पश्चिमी इलाक़ों में हिंसा फैल गई है. प्रशासन ने चार शहरों में कर्फ़्यू लगा दिया है. अधिकारियों का कहना है कि रविवार सुबह अज्ञात बंदूकधारियों ने लोकतांत्रिक मधेशी मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष 55 वर्षीय अब्दुल मुईद ख़ान की गोली मारकर हत्या कर दी. नेपाल के बेलापुर के निकट हुई हत्या के बाद उपद्रव में पाँच लोगों की मौत हो गई. स्थानीय मीडिया के मुताबिक मुईद ख़ान दो साल पहले तक उस निगरानी समिति में शामिल थे जिसने माओवादियों से लोहा लिया था. उनकी हत्या के बाद तराई पट्टी का मधेशी समुदाय भड़क उठा और वह सड़क पर उतर आया. लोगों ने नेपाल के कपिलवस्तु ज़िला मुख्यालय तौलिहवा समेत कृष्णा नगर, चनरौटा, बहादुरगंज में पांच दर्जन से अधिक बसों व सैकड़ों दुकानों में आग लगा दीं. इस दौरान जम कर लूटपाट हुई. लूटपाट की घटनाएँ नेपाल के नवलपरसी, बुटवल आदि जिलों में भी फैल गई. इन घटनाओं को देखते हुए नेपाल के चार शहरों में कर्फ़्यू लगा दिया गया है. ये इलाक़ा भारत से सटा होने के कारण सीमा पर दोनों तरफ़ की निगरानी एजेंसियाँ सक्रिय हो गई हैं. नेपाल में इसी साल नवंबर में संविधान सभा के चुनाव होने हैं जो नया संविधान तैयार करेगी. लेकिन कई पर्यवेक्षकों का मानना है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए भारत से सटे तराई के इलाक़ों में हिंसा पक क़ाबू पाना ज़रूरी है. तराई इलाक़े में रहने वाला मधेशी समुदाय सरकारी विभागों और संसद में आरक्षण देने की माँग कर रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें मधेशी वार्ता में शामिल हों: नेपाल सरकार15 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल में झड़पों के बाद कर्फ़्यू जारी22 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल में दूसरे दिन मधेशियों का बंद 07 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल में हिंसा जारी, मंत्री का इस्तीफ़ा29 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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