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तालेबान 'बंधकों को छोड़ने पर राज़ी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान चरमपंथियों का कहना है कि वे अगवा किए गए 19 दक्षिण कोरियाई बंधकों को जल्द रिहा कर देंगे. तालेबान के एक प्रवक्ता, एक दक्षिण कोरियाई अधिकारी और पर्यवेक्षकों ने ग़ज़नी में एक बयान जारी कर कहा है कि बंधकों को जल्द से जल्द रिहा किया जाएगा. दक्षिण कोरिया ने कहा है कि ये सहमति इस शर्त पर हुई है कि तय कार्यक्रम के तहत इस साल के अंत तक उसके सैनिक अफ़ग़ानिस्तान से चले जाएँगे. दक्षिण कोरिया अफ़ग़ानिस्तान में धर्म प्रचार से जुड़े काम बंद करने और अपने नागरिकों को वहाँ न जाने देने के फ़ैसले पर भी राज़ी हो गया है. तालेबान ने 19 जुलाई को ग़ज़नी प्रांत में 23 राहतकर्मियों को अगवा कर लिया था. बाद में दो लोगों की हत्या कर दी गई और दो महिलाओं को छोड़ दिया गया था. परिवारों में खुशी बीबीसी संवाददाता का कहना है कि बंधकों को रिहा करने की सही तारीख़ नहीं बताई गई है लेकिन तालेबान ने कहा है कि रिहाई के काम पर वे तुरंत काम शुरु कर रहे हैं. रिहाई की घोषणा के बाद दक्षिण कोरिया में खुशियाँ मनाई जा रही हैं. चो मयुंग-हो की 28 वर्षीय बेटी ली जू-यओन भी बंधकों में से एक है. चो मयुंग-हो ने एपी से बातचीत में कहा,'' मेरा मन कर रहा है कि मैं नाचूँ.'' रिहाई के लिए बातचीत में दक्षिण कोरियाई अधिकारियों के अलावा इंडोनेशियाई दूतावास के दो राजदूत और क़बायली नेता शामिल थे. दोनों पक्षों के बीच ये चौथी सीधी वार्ता थी. दो महिला बंधकों को रिहा करने के बाद दोनों पक्ष पहली बार मिल रहे थे. दक्षिण कोरियाई नागरिकों को उस समय अगवा कर लिया गया था जब वे कंधार से काबुल हाईवे पर बस से जा रहे थे. दक्षिण कोरिया ये कह चुका है कि वो वर्ष के अंत तक अपनी सेना बुलाने की योजना बना रहा है. दक्षिण कोरिया के करीब 200 लोग पुनर्निर्माण कार्य में मदद करने के लिए अफ़ग़ानिस्तान में तैनात हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'अफ़ग़ानिस्तान में फिर रिकॉर्डतोड़ अफ़ीम'27 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस दो महिला बंधकों को रिहा किया11 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस कोरियाई बंधकों तक दवा पहुँचाई गई05 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस बंधकों पर बातचीत के लिए तालेबान राज़ी03 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस दूसरे कोरियाई बंधक का शव मिला31 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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