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दो देशों को जोड़ता एक पुल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई और ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति रखमोनोव ने दोनों देशों के बीच पंज नदी बने पुल का उदघाटन किया हैं. इस पुल पर 3 करोड़ 70 लाख डॉलर की लागत आई है और इसके निर्माण के लिए अमरीका ने धनराशि उपलब्ध कराई है. अमरीका चाहता है कि दक्षिण और मध्य एशिया के बीच कारोबार में बढ़ोत्तरी हो ताकि अफ़ग़ानिस्तान का विकास हो सके. अभी तक दोनों देशों के बीच के बीच नावों के जरिए सामान की आवाजाही होती थी लेकिन इस पुल के चालू हो जाने के बाद रोज़ाना हज़ारों ट्रक एक दूसरे के देश में आ जा सकेंगे. इस पहले तक दशकों से दोनों देश एक दूसरे से कटे हुए थे. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अमरीका का मानना है कि इस पुल से अफ़ग़ानिस्तान की अर्थव्यवस्था को भारी मदद मिलेगी. लेकिन इस बात को लेकर भी चिंता जताई जा रही है कि ये पुल दुनिया के मादक पदार्थों के सबसे प्रमुख मार्ग पर स्थित है. लेकिन अफ़ग़ानिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था बिगड़ती जा रही है. नए पुल से अफ़ग़ानिस्तान के साथ ताजिकिस्तान के आर्थिक रिश्तों तो सुधरेंगे. लेकिन अभी तक इस दूरी ने उसे अफ़ग़ानिस्तान की समस्याओं से बचाया हुआ था. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान को दुनिया के नजदीक लाकर उसकी समस्याएँ सुलझाने में मदद मिलेगी. दूसरी दलील ये है कि वे अफ़ग़ानिस्तान की सीमा को पार कर अन्य मुल्कों में फैल सकती हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें काबुल में जर्मन महिला का अपहरण18 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस क्या फिर मुस्कुराएंगे बामियान के बुद्ध? 25 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस नागरिक विस्थापन पर संयुक्त राष्ट्र चिंतित20 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान की यात्रा पर अहमदीनेजाद14 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस 'तालेबान को समाप्त करने पर सहमति'07 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में जीती जा सकेगी जंग?18 जून, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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