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भारत को यूरेनियम बेचेगा ऑस्ट्रेलिया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत अमरीका परमाणु संधि पर संसद में हंगामे और अमरीकी बयान के बीच ऑस्ट्रेलिया ने घोषणा की है कि वो भारत को यूरेनियम देगा. भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार हावर्ड ने फोन पर मनमोहन सिंह को बताया कि ऑस्ट्रेलिया ने तय किया है कि भारत को यूरेनियम की आपूर्ति की जाएगी. इसके जवाब में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हावर्ड का धन्यवाद किया. दोनों नेता इस बात पर राज़ी हुए कि यूरेनियम की बिक्री के संबंध में आधिकारिक स्तर पर आगे बातचीत की जाएगी. ऑस्ट्रेलिया न्यूकलियर सप्लायर्स ग्रुप का एक सदस्य है और भारत अमरीका असैन्य परमाणु संधि के लागू होने के लिए इस ग्रुप की मंजूरी भी आवश्यक है. ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री का यह फोन मनमोहन सिंह सरकार के लिए एक बड़ी मदद साबित हो सकता है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से विपक्षी दल और सरकार के सहगोयी वाम दलों ने भी परमाणु संधि का कड़ा विरोध किया है. इस मुद्दे पर विरोधाभासी बयान आ रहे हैं और संसद में इस बात पर आज ज़ोरदार हंगामे की बीच दोनों सदनों की बैठक भी रद्द करनी पड़ी है. | इससे जुड़ी ख़बरें वामदल परमाणु संधि के विरोध में07 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर मतदान की माँग05 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस संधि परमाणु संप्रभुता पर हमला- भाजपा04 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु सहमति का मसौदा सार्वजनिक03 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते के मसौदे को हरी झंडी27 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर 'ठोस प्रगति'20 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस गोवा सरकार ने बहुमत सिद्ध किया30 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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