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वामदलों का समर्थन जुटाने की पहल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और अमरीका के बीच असैन्य परमाणु संधि के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता प्रकाश कारत से मुलाक़ात की और चर्चा की है. प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार संजय बारू ने इस मुलाक़ात के बारे में जानकारी देते हुए कहा 'प्रधानमंत्री ने माकपा महासचिव कारत से नाश्ते पर बातचीत की है और दोनों नेताओं ने परमाणु सौदे के विभिन्न आयामों पर चर्चा की. ' बारु ने बताया कि इसके जवाब में कारत ने कहा कि वो इस संबंध में अपनी पार्टी के पोलित ब्यूरो को सारी जानकारी देंगे जो इस मुद्दे पर सप्ताहांत में बैठक करेगी. प्रेस सलाहकार ने यह भी कहा कि दोनों नेताओं ने परमाणु संधि से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर उभरे मतभेदों को दूर करने का प्रयास करने की भी बात कही है. सरकार की सहयोगी वाम दलों के विरोध के बाद अब प्रधानमंत्री ने प्रकाश कारत को नाश्ते पर आमंत्रित किया था. उल्लेखनीय है कि विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के साथ ही वामपंथी दलों ने परमाणु संधि के ख़िलाफ़ कड़ा रवैया अपना रखा है और सोमवार को जब प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर बयान दे रहे थे तो वाम दलों ने भी वाकआउट किया था. उधर बीजेपी ने परमाणु संधि के मुद्दे पर संसद में नियम 184 के तहत बहस की मांग की है जिसके तहत वोटिंग का प्रावधान है. इस सिलसिले में बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी ने सोमवार को प्रकाश कारत से फोन पर बातचीत भी की थी. हालांकि कारत ने आडवाणी से कहा कि इस संबंध में पार्टी अपनी रणनीति बाद में तय करेगी. | इससे जुड़ी ख़बरें संधि परमाणु संप्रभुता पर हमला- भाजपा04 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर मतदान की माँग05 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस वामदल परमाणु संधि के विरोध में07 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित09 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस 'समर्थन वापस लेना चाहते हैं, तो ले लें'11 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस 'सामरिक संप्रभुता पर कोई असर नहीं'13 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस 'गठबंधन चलाना कांग्रेस की ज़िम्मेदारी'13 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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