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आडवाणी ने कारत से की बात | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और अमरीका के बीच हुए असैन्य परमाणु संधि पर बढ़ते विरोध के बीच भारतीय जनता पार्टी नेता लालकृष्ण आडवाणी ने वामपंथी नेता प्रकाश कारत से बात की है. यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी पार्टी परमाणु संधि पर विरोध के मुद्दे पर अन्य दलों से संपर्क में है तो बीजेपी नेता और और पूर्व विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने संवाददाताओं को बताया कि आडवाणी ने प्रकाश कारत से बात की है. उल्लेखनीय है कि दोनों ही दल परमाणु संधि का विरोध करते हैं लेकिन संसद में दोनों दलों की रणनीति कैसी रहेगी ये कहना मुश्किल है क्योंकि वाम दल सरकार को समर्थन दे रहे हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि आडवाणी ने करात से संसद में परमाणु संधि पर वोट के दौरान उनका समर्थन मांगा है. उधर संवाद समिति प्रेट्र के अनुसार कारत ने आडवाणी से कहा है कि संसद में वाम दलों की रणनीति पार्टी तय करेगी. बीजेपी ने परमाणु संधि पर संसद में नियम 184 के तहत बहस की मांग की है जिसमें वोटिंग का प्रावधान है. उल्लेखनीय है कि सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बिना किसी मांग के ही संसद में परमाणु संधि से जुड़े मुद्दों पर बयान दिया था लेकिन उनके बयान के दौरान विपक्षी दलों ने नारेबाज़ी की और विरोध किया. इतना ही नहीं सरकार को समर्थन दे रहे वाम दलों ने भी वाकआउट किया था. इसके अलावा बीजेपी और कई अन्य दलों ने भी संधि का विरोध करते हुए वाकआउट किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें संधि परमाणु संप्रभुता पर हमला- भाजपा04 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर मतदान की माँग05 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस वामदल परमाणु संधि के विरोध में07 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित09 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस 'समर्थन वापस लेना चाहते हैं, तो ले लें'11 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस 'सामरिक संप्रभुता पर कोई असर नहीं'13 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस 'गठबंधन चलाना कांग्रेस की ज़िम्मेदारी'13 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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