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रिहा किए गए 72 पाकिस्तानी बंधक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत ने मंगलवार को भारतीय जेलों में क़ैद 72 पाकिस्तानी बंधकों को रिहा कर दिया है. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने बताया था कि रिहा किए जाने वालों में 48 मछुआरे और 24 अन्य क़ैदी शामिल हैं. इससे पहले सोमवार को पाकिस्तान सरकार ने अपनी जेलों में क़ैद 134 भारतीय बंधकों को रिहा कर दिया था. पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया कि इन बंधकों में से अधिकतर मछुआरे हैं जो किन्हीं कारणों से पाकिस्तानी जल सीमा में चले गए थे और वहाँ गिरफ़्तार कर लिए गए थे. हालांकि नवतेज सरना ने बताया कि 134 लोगों की रिहाई के बाद भी 296 भारतीय मछुआरे और 327 नावें पाकिस्तान के कब्ज़े में हैं. उन्होंने आशा जताई कि पाकिस्तान बंधकों को रिहा करने के क्रम में बाकी बचे लोगों को भी जल्द रिहा करेगा. वहीं भारतीय जेलों में इस रिहाई के बाद भी 155 पाकिस्तानी बंधक रह जाएंगे जो कि अपनी सज़ा काट रहे हैं. पाकिस्तान की ओर से रिहा किए गए बंधक सोमवार को भारत-पाक के बीच वाघा सीमा क्षेत्र से भारत लौट आए हैं. जश्ने-आज़ादी दोनों ओर से बंधकों को रिहा करने की यह पहल ऐसे समय में हो रही है जब भारत और पाकिस्तान अपनी आज़ादी की 60वीं वर्षगांठ मना रहे हैं. जहाँ पाकिस्तान में सोमवार रात से ही आज़ादी के जलसे की शुरुआत हो गई थी वहीं भारत में मंगलवार की आधी रात से आज़ादी का पर्व मनाना शुरू होगा. दोनों मुल्कों के लिए आज़ादी की तारीख केवल आज़ादी ही नहीं, बँटवारे और पाकिस्तान के जन्म के लिए भी याद की जाती है. पाकिस्तान की ओर से रिहा किए गए लोगों में से एक, 59 वर्षीय तारसेम सिंह ने एक समाचार एजेंसी को बताया कि उनके लिए आज़ादी की वर्षगाँठ एक सच्ची आज़ादी लेकर आया है और वो घर वापस आकर बहुत खुश हैं. मंगलवार को पाकिस्तान में आज़ादी की 60वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय अवकाश रहा. वहीँ भारत में बुधवार को आज़ादी का पर्व मनाया जाएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें आज़ादी के दिन मछुआरे होंगे रिहा04 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस सरहद पार से सैकड़ों क़ैदियों की रिहाई12 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'अपने घर के दरवाज़े मेरे लिए नहीं खुले...'12 मई, 2005 | भारत और पड़ोस पाकिस्तानी जेल से छूटे भारतीय मछुआरे06 जनवरी, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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