BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मंगलवार, 17 जुलाई, 2007 को 19:23 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'चश्माचोर' बंदर की तलाश में जुटी पुलिस
बंदर
कोरियाई पर्यटक का चश्मा लेकर फ़रार हुए बंदर की पुलिस को है तलाश
भारत की विश्वप्रसिद्ध धर्मनगरी वाराणसी में पुलिस इन दिनों एक शरारती बंदर की तलाश में जुटी है जो एक विदेशी पर्यटक का चश्मा लेकर चंपत हो गया है.

वाराणसी घूमने आए दक्षिण कोरियाई पर्यटक किम दांग हून ने चश्मा चुराने वाले इस बंदर के ख़िलाफ़ बाक़ायदा पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है.

पुलिस ने बताया कि यह बंदर किम के होटल के कमरे में घुस आया और वहाँ रखा महँगा नज़र का चश्मा लेकर फ़रार हो गया.

मंदिरों और घाटों के लिए मशहूर वाराणसी में बंदरों की भरमार है. हिंदू बंदरों को भगवान हनुमान का स्वरूप मानकर उनकी पूजा करते हैं.

यहीं ऐतिहासिक संकट मोचन मंदिर और इसमें रखी भगवान हनुमान की मूर्ति को बाबा संकटमोचन कहा जाता है.

पुलिस की परेशानी

वाराणसी के पुलिस निरीक्षक गोविंद सिंह ने समाचार एजेंसी एपी को बताया, " वैसे तो बंदर का पता लगाना बहुत मुश्किल है, फिर भी मैं उसे ढूँढने की हरसंभव कोशिश कर रहा हूँ."

बंदर
 अगर बंदर को पकड़ने में कामयाबी मिल भी जाती है तो समस्या यह है कि बंदर के ख़िलाफ़ क्या क़ानूनी कार्रवाई की जाए, क्योंकि देश में बंदर पर चोरी का इल्जाम लगाने का फिलहाल तो कोई क़ानूनी प्रावधान नहीं है
वाराणसी पुलिस

किम ने अपनी लिखित शिकायत में कहा है कि उसने ताज़ा हवा के लिए होटल के अपने कमरे की खिड़की खोली थी और तभी बंदर चश्मा लेकर चंपत हो गया.

किम का कहना है कि उसने पुलिस में शिकायत इसलिए दर्ज कराई है ताकि उसे इस चश्मे का बीमा मिल सके.

कुछ ख़बरों के अनुसार इस चश्मे की कीमत सौ अमरीकी डॉलर बताई गई है.

वैसे इस बात की उम्मीद बहुत कम ही है कि हज़ारों बंदरों के बीच पुलिस इस 'अभियुक्त' बंदर को ढूंढ निकालने में कामयाब हो सकेगी.

समस्या

समस्या यहीं ख़त्म नहीं होती और पुलिस का कहना है कि अगर बंदर को पकड़ने में कामयाबी मिल भी जाती है तो समस्या यह है कि बंदर के ख़िलाफ़ क्या क़ानूनी कार्रवाई की जाए, क्योंकि देश में बंदर पर चोरी का इल्जाम लगाने का फिलहाल तो कोई क़ानूनी प्रावधान नहीं है."

उल्लेखनीय है कि देश की राजधानी दिल्ली समेत कई अन्य शहरों में भी बंदरों के उत्पात से लोग परेशान हैं.

पिछले साल दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने आदेश में नागरिक प्रशासन को महत्वपूर्ण इमारतों को बंदरों से मुक्त कराने को कहा था.

यही वजह है कि शहर के कई सरकारी और निजी कार्यालय इन शरारती बंदरों को भगाने के लिए लंगूर की सेवाएं लेने को मजबूर हैं.

इससे जुड़ी ख़बरें
अब बंदरों के निर्यात का प्रस्ताव
03 सितंबर, 2004 | भारत और पड़ोस
बंदरों को भगाने के लिए लंगूर
05 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस
'शहरी बंदरों’ का तबादला जंगल में
11 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस
'शहरी बंदरों' के तबादले पर चिंता
08 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>