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भाजपा सांसद की सदस्यता समाप्त | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी के सांसद कृष्णमुरली मोघे को संसद की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है. उन पर सांसद होने के साथ-साथ लाभ के पद पर रहने का आरोप था. उन्हें मध्य प्रदेश सरकार ने कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया था और उन्हें राज्य से आने वाले सांसदों और राज्य सरकार के बीच समन्वय की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी. इस पद पर होने की वजह से मोघे को भत्ता, गाड़ियाँ और अन्य सुविधाएँ मिल रही थीं इसलिए इसे 'लाभ का पद' माना जा रहा था. चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति को अपनी रिपोर्ट पिछले महीने ही भेज दी थी जिसमें मोघे को अयोग्य घोषित करने की सिफ़ारिश की गई थी. अब राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने चुनाव आयोग की इस सिफ़ारिश को अपनी मंज़ूरी दे दी है. मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल संसदीय क्षेत्र खरगौन का प्रतिनिधित्व करने वाले मोघे की ओर से इस पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है. मध्य प्रदेश कांग्रेस की वरिष्ठ नेता जमुना देवी ने राष्ट्रपति से लिखित शिकायत की थी कि मोघे को राज्य में कैबिनेट मंत्री का दर्जा हासिल है. अयोग्य घोषित किए जाने के बाद अब मोघे आगामी राष्ट्रपति चुनाव में वोट नहीं डाल पाएँगे. कृष्णमुरली मोघे 2004 में पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए थे. | इससे जुड़ी ख़बरें 'लाभ के पद' का विधेयक फिर पारित28 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस 'लाभ का पद' विधेयक फिर पेश होगा22 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस जया बच्चन निर्विरोध पहुँची राज्यसभा08 जून, 2006 | भारत और पड़ोस भारतीय राष्ट्रपति ने विधेयक लौटाया30 मई, 2006 | भारत और पड़ोस विधेयक का विरोध करने का फ़ैसला15 मई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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