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जया बच्चन निर्विरोध पहुँची राज्यसभा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अभिनेत्री और समाजवादी पार्टी नेता जया बच्चन राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हो गई हैं. कोई तीन महीने पहले ही 'लाभ के पद' के विवाद के चलते राज्यसभा से उनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई थी. उनकी सदस्यता ख़त्म होने के बाद देश भर में 'लाभ के पद' का विवाद चल पड़ा और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने लोकसभा से इस्तीफ़ा देकर दोबारा चुनाव लड़ा. लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी और विपक्ष के उपनेता विजय कुमार मल्होत्रा सहित कई सांसदों के साथ यही विवाद जुड़ गया था और इसे ख़त्म करने के लिए सरकार ने एक विधेयक भी पारित करवाया. हालांकि राष्ट्रपति ने इस विधेयक को मंज़ूरी दिए बिना सरकार को वापस भेज दिया है. जया बच्चन पर आरोप था कि वे सांसद होने के साथ ही उत्तरप्रदेश फ़िल्म विकास निगम की अध्यक्ष थीं और नियमानुसार सांसद किसी लाभ के पद पर नहीं हो सकता. उन्होंने राज्यसभा के लिए एक बार फिर नामांकन दाखिल किया लेकिन इससे पहले उन्होंने उत्तरप्रदेश फ़िल्म विकास निगम के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. वैसे समाजवादी पार्टी की टिकट पर जुलाई 2003 में जया बच्चन राज्यसभा में आईं थीं लेकिन 16 मार्च 2005 को उन्हें सदस्यता के अयोग्य ठहरा दिया गया था. जया बच्चन के अलावा उत्तरप्रदेश से आमिर आलम भी राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं. आमिर ने अनिल अंबानी के इस्तीफ़े से खाली हई जगह पर निर्वाचित हुए हैं. अनिल अंबानी ने भी लाभ के पद के विवाद के चलते पिछले दिनों इस्तीफ़ा दे दिया था. | इससे जुड़ी ख़बरें 'विधेयक पर पुनर्विचार करेगी सरकार'31 मई, 2006 | भारत और पड़ोस भारतीय राष्ट्रपति ने विधेयक लौटाया30 मई, 2006 | भारत और पड़ोस लाभ का पद संबंधी विधेयक पारित हुआ16 मई, 2006 | भारत और पड़ोस सोनिया गांधी का लोकसभा से इस्तीफ़ा 23 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस 'लाभ के पद' को लेकर संसद में हंगामा22 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस जया बच्चन राज्यसभा के अयोग्य क़रार17 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस जया के बाद अब अमर सिंह पर संकट10 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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