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'आम नागरिकों की मौत की जाँच हो' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर अटलांटिक संधि संगठन यानी नैटो के महासचिव याप डी हूप शेफ़र ने हवान किया है कि अफ़ग़ानिस्तान के हेलमंद प्रांत में नैटो सेनाओं के एक हवाई हमले में आम नागरिकों के मारे जाने के मामले की जाँच होनी चाहिए. नैटो महासचिव ने कहा है कि किसी भी कार्रवाई में आम लोगों की मौत होना "हमेशा ही एक ग़लती" होती है. उन्होंने कहा, "इस तरह की ग़लतियों का रोका जाना बेहद ज़रूरी है क्योंकि हहमें अफ़ग़ान लोगों के समर्थन की सख़्त ज़रूरत है." शेफ़र ने कनाडा में एक वक्तव्य में कहा कि नैटो, विदेशी गठबंधन या अफ़ग़ान सेना का कोई जवान किसी आम आदमी को जानबूझकर निशाना नहीं बना सकता और उन्होंने आरोप लगाया कि तालेबान आम लोगों को मानव शील्ड के तौर पर इस्तेमाल करते हैं. उधर अफ़ग़ानिस्तान में नैटो के नेतृत्व वाली अंतरराष्ट्रीय शांति सेना ने कहा है कि वह इन ख़बरों की जाँच कर रही है कि तालेबान के एक हमले के जवाब में किए गए हवाई हमले में अनेक आम लोग मारे गए हैं. अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने इस सप्ताह बीबीसी से बातचीत में कहा था कि विदेशी सेनाओं के हमलों में आम लोगों की मौत को रोके जाने की ज़रूरत है. उन्होंने आगाह किया कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो अफ़ग़ान लोग ऐसे देशों के ख़िलाफ़ हो सकते हैं जिनकी सेनाएँ अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद हैं. हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि आम लोग ऐसे देशों के लिए शुक्रगुज़ार हैं जो अफ़ग़ानिस्तान में शांति स्थापना में मदद कर रहे हैं. अफ़ग़ानिस्तान से मिली ख़बरों में कहा गया था कि नैटो सेनाओं के तालेबान विद्रोहियों पर किए गए हवाई हमले में कम से कम 25 आम नागरिक मारे गए हैं, जिनमें नौ महिलाएँ और तीन बच्चे भी शामिल हैं. दक्षिणी हेलमंद प्रांत के पुलिस प्रमुख ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद आम नागरिकों के मारे जाने की पुष्टि की है. नैटो के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना ने कहा है कि वह यह जानने की कोशिश कर रही है कि ऐसा कैसे हुआ. गुरुवार को ही अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने गठबंधन सेना की कार्रवाई के दौरान आम नागरिकों के मारे जाने पर अपनी नाराज़गी व्यक्त की थी. पिछले दिनों पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में भी नैटो सेना की कार्रवाई में सात बच्चे मारे गए थे. आरोप हेलमंद प्रांत के एक गाँव पर हमले के बारे में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बीबीसी को बताया कि ये घटना गेरेश्क शहर के निकट आदम ख़ान गाँव में हुई.
पुलिस प्रमुख मोहम्मद हुसैन अंदीवाल ने बताया कि उन्होंने पुलिस टीम के साथ घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने आम नागरिकों की मौत की पुष्टि की और आरोप लगाया कि गठबंधन सेना ने इस कार्रवाई से पहले अफ़ग़ान सैनिकों को चेतावनी जारी नहीं की. गठबंधन सेना अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी प्रांत हेलमंद और उरुज़गान में तालेबान के ख़िलाफ़ एक सैनिक अभियान चला रही है. सेना के मुताबिक़ उसने हेलमंद के गर्मसीर शहर से तालेबान को खदेड़ दिया है और उरूज़गान के चौरा में भी नियंत्रण स्थापित कर लिया है. हेलमंद का नियंत्रण इस समय नैटो की अगुआई वाली गठबंधन सेना के पास है. काबुल से गठबंधन सेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि उन्हें दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान की घटना की जानकारी मिली है. उन्होंने कहा कि वे नहीं जानते की मारे गए लोग आम नागरिक थे और उन्हें आगे की सूचना की इंतज़ार है. | इससे जुड़ी ख़बरें काबुल को निशाना बनाने की रणनीति21 जून, 2007 | भारत और पड़ोस 'तालेबान दीर्घकालिक खतरा नहीं'21 जून, 2007 | भारत और पड़ोस भारत का बहुत कुछ है दाँव पर21 जून, 2007 | भारत और पड़ोस असुरक्षा के साए में अफ़ग़ानिस्तान19 जून, 2007 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान संघर्ष में सौ की मौत19 जून, 2007 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में जीती जा सकेगी जंग?18 जून, 2007 | भारत और पड़ोस नई बुनियाद रखने की कोशिश में काबुल18 जून, 2007 | भारत और पड़ोस नैटो हमले में कई बच्चों की मौत18 जून, 2007 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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