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महात्मा गांधी के पोते रामचंद्र का निधन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
महात्मा गांधी के एक पोते प्रोफ़ेसर रामचंद्र गांधी का दिल्ली में निधन हो गया है. वे 70 वर्ष के थे. वे एक जाने-माने लेखक और दार्शनिक थे और अपने मित्रों और प्रशंसकों के बीच रामू गांधी के नाम से जाने जाते थे. वे दिल्ली विश्वविद्यालय और अमरीका के प्रिंसटन विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र पढ़ाते रहे थे. रामचंद्र गांधी देवदास गांधी के पुत्र थे. देवदास गांधी महात्मा गांधी के चौथे पुत्र थे और अपने समय के जाने-माने पत्रकार थे जो हिंदुस्तान टाइम्स अख़बार के संपादक भी रहे. रामचंद्र गांधी के भाई गोपालकृष्ण गांधी पश्चिम बंगाल के राज्यपाल हैं. आईआईसी में शव मिला समाचार एजेंसियों के अनुसार पुलिस ने प्रारंभिक जाँच के आधार पर कहा है कि रामचंद्र गांधी की मृत्यु सामान्य परिस्थितियों में हुई. लेकिन पुलिस ने ये भी कहा कि पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही निश्चित तौर पर कुछ कहा जा सकता है. समाचार एजेंसियों के अनुसार प्रोफ़ेसर रामचंद्र गांधी का शव दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (आईआईसी) के एक कमरे पाया गया. वे दस जून से वहाँ पर रह रहे थे. पुलिस के अनुसार जब इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के स्टाफ़ ने सुबह उनका दरवाज़ा खटखटाया तो उन्हें कोई जवाब नहीं मिला और फिर दरवाज़ा तोड़ा गया. प्रोफ़ेसर रामचंद्र गांधी का शव फ़र्श पर पड़ा मिला. उनके परिवार के लोग दिल्ली के बंगाली मार्किट इलाक़े में रहते हैं और समाचार एजेंसियों के अनुसार उनका कहना था कि पिछले कुछ दिनों में भीषण गर्मी के कारण उन्होंने आईआईसी में कमरा ले लिया था. | इससे जुड़ी ख़बरें सत्याग्रह की शताब्दी का समारोह29 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस नष्ट हो रही है गाँधी जी की धरोहर02 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस गाँधीजी और मीराबेन के रिश्ते पर सवाल01 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस जिनके लिए तिरंगा भगवान है14 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस नेहरु-गांधी परिवार का आनंद भवन30 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस 'पीटरमारित्ज़बर्ग आना तीर्थयात्रा की तरह'30 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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