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आठ क्षेत्रीय दलों ने मोर्चा बनाया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आठ क्षेत्रीय दलों की हैदराबाद में हुई बैठक में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के ख़िलाफ़ मोर्चा बनाने पर सहमति हुई है. हालांकि मोर्चे का अभी कोई नाम तय नहीं किया गया है. तेलगू देशम के नेता चंद्रबाबू नायडू ने यह बैठक आयोजित की थी. इसमें समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह, अन्नाद्रमुक की जयललिता, इंडियन नेशनल लोक दल के ओमप्रकाश चौटाला, असम गण परिषद के वृंदावन गोस्वामी, एमडीएमके के वाइको, झारखंड विकास मोर्चा के बाबूलाल मरांडी उपस्थित थे. इसके अलावा केरल कांग्रेस के नेता पी थॉमस ने अपने समर्थन का पत्र भेजा था. माना जा रहा है कि यह सारी कवायद राष्ट्रपति चुनावों को लेकर की जा रही है. हालांकि बैठक में इस बारे में कोई फ़ैसला नहीं लिया गया. इस मोर्चे की अगली बैठक अब चेन्नई में होगी जिसमें राष्ट्रपति के बारे में कोई निर्णय लिए जाने की उम्मीद है. तेलुगू देशम के नेता चंद्रबाबू नायडू का कहना था कि कांग्रेस और भाजपा दोनों राष्ट्रीय पार्टियाँ कमज़ोर हो रही हैं और अगले लोक सभा चुनावों में त्रिशंकु लोक सभा की उम्मीद है. उनका कहना था कि ऐसे में क्षेत्रीय दलों की केंद्र सरकार के गठन में भूमिका बढ़ेगी. अन्नाद्रमुक की नेता जयललिता ने कहा कि इस मोर्चे में सभी धर्मनिरपेक्ष दलों को स्वागत है और यह कांग्रेस और भाजपा का विकल्प उपलब्ध कराएगा. मोर्चे के नेताओं ने भारत-अमरीका परमाणु समझौते की अलोचना की और कहा कि यह भारत के हित में नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें तीसरे मोर्चे की संभावना तलाशती सपा14 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस राष्ट्रपति चुनावों को लेकर राजनीति तेज़28 मई, 2007 | भारत और पड़ोस 'केंद्र के साथ सहयोग के रास्ते पर चलेंगे'26 मई, 2007 | भारत और पड़ोस मनमोहन सरकार के प्रदर्शन पर प्रतिक्रियाएं26 मई, 2007 | भारत और पड़ोस 'हार से कांग्रेस पर बढ़ेगा दबाव'12 मई, 2007 | भारत और पड़ोस सरकार की साल गिरह पर रिपोर्ट कार्ड22 मई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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