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बच्चो का यौन शोषक गिरफ़्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तमिलनाडु पुलिस ने बच्चों का यौन शोषण करने वाले एक अमरीकी व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है. तमिलनाडु पुलिस का कहना है कि यह व्यक्ति अमरीका से पैरोल की बीच से भागकर भारत आया था और अब उसे वापस अमरीका भेजा जाएगा. राज्य के पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि अमरीका की ओर से अभी प्रत्यर्पण के अनुरोध का इंतज़ार किया जा रहा है. एलन होरोवित्ज़ नाम के इस व्यक्ति को बुधवार को महाबलिपुरम नाम के पर्यटन स्थल से गिरफ़्तार किया गया. इंटरपोल को उसकी तलाश थी और वह न्यूयॉर्क के 'मोस्ट वांटेड' अपराधियों की सूची में शामिल रहा है. 1991 में होरोवित्ज़ को कई बच्चों का यौन शोषण करने का दोषी पाया गया था. होरोवित्ज़ को 15 वर्ष जेल में रहने के बाद 2004 में पैरोल पर रिहा किया गया था. तमिलनाडु के पुलिस प्रमुख डी मुखर्जी ने कहा कि इंटरपोल ने होरोवित्ज़ के बारे में भारतीय पुलिस को सूचना दी थी जिसके आधार पर उसे पकड़ा गया. 60 वर्षीय होरोवित्ज़ बाल मनोविज्ञानी और यहूदी रब्बाई रहा है, न्यूयॉर्क पुलिस का कहना है कि उसने कम उम्र के अनेक लड़के-लड़कियों का यौन शोषण किया है. न्यूयॉर्क पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी जॉर्ज एलेक्ज़ेंडर ने कहा, "हमें इस बात से बहुत ख़ुशी हुई है कि इस ख़तरनाक अपराधी को पकड़ लिया गया है और हम उसे वापस अमरीका लाने की तैयारियाँ कर रहे हैं." होरोवित्ज़ फर्ज़ी दस्तावेज़ों के सहारे अमरीका से भाग खड़ा हुआ था और वह थाइलैंड-हॉन्गकॉन्ग के रास्ते बंगलौर होते हुए चेन्नई पहुँचा था. इंटरपोल ने इसकी सूचना भारत में अमरीकी दूतावास को दी थी और अमरीका दूतावास ने तमिलनाडु पुलिस को आगाह किया था. | इससे जुड़ी ख़बरें मुंबई में रिहाई को लेकर नाराज़गी27 मार्च, 2004 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ान महिलाओं को पुलिस प्रशिक्षण17 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश सेना में महिलाएँ | भारत और पड़ोस बाल सैनिक निषेध संधि लागू12 फ़रवरी, 2002 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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