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लंबी छुट्टी पर भेजे गए इफ्तिखार चौधरी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के निलंबित मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिखार मोहम्मद चौधरी को लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया है जबकि उनके निलंबन के विरोध में प्रदर्शनों का दौर शनिवार को भी जारी रहा. शनिवार को जारी किए गए एक आदेश में इफ़्तिखार चौधरी को जबरन लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया है. इस आदेश में यह भी कहा गया है कि चौधरी के बाद अब न्यायाधीश राणा भगवान दास 23 मार्च के बाद पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश बनेंगे क्योंकि वो सबसे वरिष्ठ हैं. भगवान दास फिलहाल 23 मार्च तक छुट्टी पर हैं और सरकार का कहना है कि वो न्यायाधीश की छुट्टियां रद्द करके उन्हें वापस नहीं बुला सकता. इफ़्तिखार चौधरी को जबरन लंबी छुट्टी पर भेजे जाने के बारे में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि क़ानून के मुताबिक अगर किसी न्यायाधीश के ख़िलाफ कोई मामला हो तो उसे सरकार लंबी छुट्टी पर भेज सकती है. पाकिस्तान की सर्वोच्च न्यायिक परिषद निलंबित मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार मोहम्मद चौधरी के ख़िलाफ़ पद के दुरुपयोग के आरोपों की जाँच कर रही है. सरकार का कहना है कि राणा भगवान दास के मुख्य न्यायाधीश बनने के बाद वो सुप्रीम काउंसिल में इफ़्तिखार चौधरी से जुड़े मामले पर फैसला करने के लिए स्वतंत्र हैं और उनके काम में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा. विरोध प्रदर्शन उधर इफ़्तिखार चौधरी के निलंबन का विरोध कर रहे वक़ीलों और पुलिस के बीच हुई झड़पों के बाद लाठीचार्ज में कई लोग घायल हो गए हैं. लाहौर बार एसोसिएशन और वक़ीलों के अन्य संगठनों ने शनिवार को मुख्य न्यायाधीश इफ्तिखार मोहम्मद चौधरी के निलंबन के ख़िलाफ़ एक सम्मेलन का आयोजन किया था. बीबीसी उर्दू संवाददाता अदनान आदिल ने बताया कि इसी दौरान कुछ वक़ीलों ने लाहौर हाई कोर्ट के बाहर जुलूस निकालने की कोशिश की, तभी पुलिस ने उन पर धावा बोल दिया. पुलिस ने वक़ीलों पर लाठीचार्च किया और आँसू गैस के गोले छोड़े. सुबह से ही हाई कोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी. लगभग दो घंटे तक प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें होती रही. इस दौरान पुलिसकर्मी हाईकोर्ट परिसर में भी घुस गए और कुछ वक़ीलों के दफ़्तर को क्षतिग्रस्त कर दिया. शहर ने टर्नर रोड पर वक़ीलों के प्रदर्शन का समाचार संकलन करने गए पत्रकारों पर भी पुलिस ने लाठी चार्ज किया. इस घटना के बाद पंजाब प्रांत के आईजी अहमद नसीम ने इलाक़े का दौरा किया है. इस बीच पाकिस्तान सरकार ने जियो टीवी के दफ्तर पर शुक्रवार को हुए पुलिस हमले पर कार्रवाई करते हुए 14 पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. इन पुलिस अधिकारियों पर जियो टीवी के कार्यालय पर हमला करने और उसे नुकसान पहुँचाने का आरोप है. इस्लामाबाद में पुलिस प्रमुख ने बताया कि इस घटना की न्यायिक जाँच के आदेश दे दिए गए हैं. इससे पहले पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने जियो टीवी के कार्यालय पर पुलिस हमले की कड़ी निंदा की थी और इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना क़रार दिया था. राष्ट्रपति ने चैनल को हुए नुकसान की भरपाई के आदेश देते हुए कहा था कि इस घटना की जांच की जाएगी. निलंबन की इस कार्रवाई के ख़िलाफ़ वकीलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी. वकीलों ने इसे गैरक़ानूनी बताते हुए पूरे पाकिस्तान में अदालतों का बहिष्कार किया था. | इससे जुड़ी ख़बरें इफ़्तिख़ार चौधरी का आरोपों से इनकार13 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में नाराज़ वकीलों का प्रदर्शन12 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस पाक न्यायाधीश के निलंबन का विरोध 12 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश निलंबित09 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ अलग-थलग नज़र आ रहे हैं...14 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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