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मुआवज़े से संतुष्ट नहीं है दलित समुदाय | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हरियाणा के करनाल ज़िले में एक दलित बस्ती में हुई आगज़नी की घटना के बाद प्रभावित लोगों को मुआवज़ा दिया गया है, लेकिन लोग इससे संतुष्ट नहीं हैं. इस इलाक़े में राहत कार्यों में मदद कर रही ग़ैर सरकारी संस्था 'आदि धर्म समाज' के दर्शन रतन रावण ने बीबीसी संवाददाता रेणु अगाल को बताया कि प्रभावित लोगों को सिर्फ़ दो हज़ार रूपए का मुआवज़ा दिया गया है. उनका कहना था, "लगभग 200 घरों को लूटा गया और कईयों में आग लगा दी गई. इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई भी प्रतिनिधि यहाँ नहीं आया." उन्होंने कहा कि दलित उत्पीड़न क़ानून के तहत ढाई लाख रूपए तक के मुआवज़े का प्रावधान है लेकिन दिए गए सिर्फ़ दो हज़ार रूपए. दर्शन रतन रावण ने आरोप लगाया कि इस मामले के मुख्य अभियुक्त अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं. पुलिस नाक़ेबंदी इस बीच स्थानीय पुलिस घटनास्थल के आस-पास मुस्तैद है. ज़िले के उपायुक्त डीएस मलिक ने बीबीसी संवाददाता सुशीला सिंह से कहा, "हमलोग वहाँ चौकस हैं. अब किसी तरह का भय नहीं है. ज़्यादातर अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया गया है." मलिक ने इस बात से इनकार किया कि किसी भी घर को पूरी तरह जलाने की कोशिश की गई. उन्होंने कहा, "पाँच घरों में कुछ सामानों में आग लगाई गई जबकि 15-16 अन्य घरों में तोड़फोड़ हुई है." ये घटना गुरुवार की है जब कथित तौर पर उच्च जाति के कुछ युवकों ने गाँव के दलित आबादी वाले हिस्से में तोड़फोड़ और आगज़नी की. प्रशासन के मुताबिक घटना के दो दिन पहले ही क्षेत्र में एक राजपूत परिवार के व्यक्ति, जिसका नाम महिपाल था, की हत्या कर दी गई थी. इसी घटना के बाद जातीय तनाव बढ़ गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें दलित आंदोलन: अंबेडकर के बाद05 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना दलितों के प्रति हिंसा: एक नज़र05 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस दलितों ने माँगा पूजा का अधिकार12 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस दलित आंदोलन और राजनीति की कमियाँ05 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस मानवाधिकार और दलित समाज की स्थिति05 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस दलित होने का मतलब और मर्म05 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'दलित लड़की को ज़िंदा जलाया'25 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सैंकड़ों दलितों ने धर्मांतरण किया14 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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