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विद्रोहियों ने 15 जवानों की हत्या की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में विद्रोहियों ने अर्धसैनिक बल के 15 जवानों की गोली मार कर हत्या कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि ये जवान अपनी ड्यूटी के बाद राजधानी इंफाल लौट रहे थे. शुक्रवार को प्रदेश में हुए आख़िरी चरण के मतदान के लिए इन लोगों को तैनात किया गया था. मणिपुर में विधानसभा चुनाव के लिए विभिन्न चरणों में मतदान हुआ है. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक अभी ये स्पष्ट नहीं है कि किस विद्रोही गुट ने हमला किया है. हमला उस समय किया गया जब अर्धसैनिक बल के जवान तामेंगलॉग ज़िले से अपनी चुनावी ड्यूटी कर लौट रहे थे. हमले के बाद जवानों ने जवाबी गोलीबारी की लेकिन विद्रोहियों के हमले में उनके दोनों वाहन पूरी तरह नष्ट हो गए. विद्रोहियों ने जवानों पर ग्रेनेड और मशीन गनों से हमला किया. इस दौरान घायल हुए तीन जवानों की हालात गंभीर बताई गई है और डॉक्टरों का कहना है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है. मणिपुर में तीन चरणों में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान सुरक्षाबलों पर ये दूसरा हमला है. मध्य फ़रवरी में उखरुल ज़िले में हुए हमले में अर्धसैनिक बल के सात जवान मारे गए थे. उस हमले के ज़िम्मेदारी यूएनएलएफ़ यानी यूनाइटिड नेशनल लिबरेश्न फ्रंट ने ली थी. ये मणिपुर में सबसे पुराना और शक्तिशाली विद्रोही गुट है. ख़ुफ़िया एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि वे पक्के तौर पर नहीं कह सकते कि शनिवार को हुए हमले के पीछे भी यूएनएलएफ़ का हाथ है या नहीं क्योंकि तामेंगलॉग ज़िला नगा विद्रोहियों का गढ़ है. मणिपुर में कई विद्रोही गुट सक्रिय हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें मणिपुर में एक उम्मीदवार का अपहरण17 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस मणिपुर में दूसरे चरण का मतदान ख़त्म14 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस मणिपुर में छह पुलिस जवानों की मौत09 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस शर्मीला ने प्रधानमंत्री का आश्वासन ठुकराया06 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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