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मधुमिता मामले की सुनवाई उत्तराखंड में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सर्वोच्च न्यायालय ने कवियित्री मधुमिता शुक्ला की हत्या के मामले की सुनवाई उत्तर प्रदेश की जगह उत्तराखंड में करने के निर्देश दिए हैं. सर्वोच्च न्यायालय ने एक विशेष अदालत बनाकर हर दिन सुनवाई करने और छह महीने के पहले ही सुनवाई पूरा करने के निर्देश दिए हैं. मधुमिता की हत्या मई 2003 में उनके घर में गोली मारकर की गई थी. उल्लेखननीय है कि उत्तर प्रदेश के एक पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी पर इस हत्या का आरोप है. डीएनए टेस्ट से साबित हो चुका है कि मधुमिता शुक्ला हत्या के समय अमरमणि त्रिपाठी के बच्चे की माँ बनने वाली थीं. इस मामले में उनकी पत्नी को भी अभियुक्त बनाया गया है. आरोप है कि अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए अमरमणि त्रिपाठी ने मधुमिता शुक्ला की हत्या करवाई. इस मामले की जाँच सीबीआई कर रही है. अमरमणि त्रिपाठी इस बात से इनकार करते हैं कि उनके मधुमिता से प्रेम संबंध थे. निर्देश सर्वोच्च न्यायालय के दो न्यायाधीशों के एक पीठ ने मधुमिता की बहन निधि की याचिका पर ये निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने अपनी याचिका में कहा था कि अमरमणि त्रिपाठी प्रभावशाली राजनेता हैं और इस मामले को प्रभावित करने के लिए अपने राजनीतिक प्रभाव का उपयोग कर सकते हैं. इसके बाद पीठ ने इस मामले को लखनऊ से देहरादून स्थानांतरित करने के निर्देश जारी किए. सितंबर 2005 में सीबीआई की याचिका पर अमरमणि त्रिपाठी की ज़मानत रद्द कर दी गई थी. अमरमणि त्रिपाठी, उनकी पत्नी मधुमणि और दो और अभियुक्त इस समय जेल में हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें अमरमणि के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलेगा20 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस अमरमणि-मधुमणि ने समर्पण किया26 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस अमरमणि त्रिपाठी को ज़मानत मिली29 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस मधुमणि त्रिपाठी ने समर्पण किया25 मार्च, 2004 | भारत और पड़ोस 'डीएनए मेल खाता है'21 सितंबर, 2003 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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