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अमरमणि के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलेगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश की एक अदालत ने कहा है कि प्रदेश के एक पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के विरूद्ध कवयित्री मधुमिता शुक्ला की हत्या के मामले में मुक़दमा चलाया जाएगा. दो साल पहले हुई इस हत्या के मामले में अमरमणि त्रिपाठी के विरूद्ध हत्या और आपराधिक षडयंत्र का आरोप लगाया गया है. पूर्व मंत्री की पत्नी मधुमणि त्रिपाठी और उनके तीन सहयोगियों के विरूद्ध भी इसी तरह का मुक़दमा चलाया जाएगा. बुधवार को लखनऊ में सभी अभियुक्तों को जेल से अदालत लाया गया जहाँ न्यायाधीश ने उन्हें उनपर लगाए गए आरोप पढ़कर सुनाए. आरोपपत्र में कहा गया है कि अमरमणि त्रिपाठी के मधुमिता शुक्ला के साथ विवाहेतर संबंध थे और मधुमिता गर्भवती हो गई. फिर जब मधुमिता ने गर्भपात कराने से मना कर दिया तो अमरमणि त्रिपाठी ने उनसे छुटकारा पाने के लिए उनकी हत्या का फ़ैसला किया. डीएनए जाँच से ये साबित हो चुका है कि मधुमिता शुक्ला के गर्भ में पल रहे बच्चे के पिता अमरमणि त्रिपाठी ही थे. मधुमिता शुक्ला की मई 2003 में लखनऊ में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. अमरमणि त्रिपाठी समेत सभी अभियुक्तों ने स्वयं को निर्दोष बताया है. अदालत परिसर में अमरमणि त्रिपाठी ने पत्रकारों से कहा,"मेरा और अन्य अभियुक्तों का इस हत्याकांड से कोई लेना-देना नहीं है. मुझे राजनीतिक षडयंत्र के तहत फंसाया गया है". अदालत ने फ़िलहाल अमरमणि त्रिपाठी और अन्य अभियुक्तों के विरूद्ध औपचारिक रूप से मुक़दमा चलाए जाने का निर्देश दिया है. अदालत ने अभियोजन पक्ष से कहा है कि वह पाँच नवंबर को आरोपों के पक्ष में गवाह और सुबूत प्रस्तुत करें. |
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