|
टीवी चैनल ख़बर को साबित करे: अल्फ़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के राज्य असम में अलगाववादी संगठन अल्फ़ा ने कहा है कि वहाँ का मुख्य टीवी चैनल एनइटीवी संगठन के बारे में चलाई गई एक ख़बर को साबित करने के लिए सुबूत दे या फिर इलाक़ा छोड़कर चले जाए. मंगलवार को अल्फ़ा ने एक बयान जारी कर कहा कि एनइटीवी की ख़बर में ऐसे संकेत दिए गए थे कि संगठन ने राज्य में कांग्रेस पार्टी से करीब अल्फ़ा ने कहा है कि या तो टीवी चैनल इस बारे में सुबूत दे या फिर वहाँ से अपना बिज़नस समेट ले. असम में नौ से 18 फ़रवरी तक राष्ट्रीय खेल हो रहे हैं और पहले अल्फ़ा ने इन खेलों का बहिष्कार करने का आह्वान किया था. एनइटीवी की रिपोर्ट में संकेत दिया गया था कि अल्फ़ा और कांग्रेस के एक वरिष्ठ मंत्री के बीच समझौता हुआ था और अल्फ़ा को पैसा दिया जा चुका है. एनइटीवी के प्रबंधन ने अभी इस बारे में प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने राज्य में ज़्यादा सुरक्षा की माँग की है. एनइटीवी असम का मुख्य टीवी चैनल है और इसके कार्यक्रम कई भाषाओं में प्रसारित होते हैं. मनोरंजन सिंह इस चैनल की कर्ता धर्ता है और वे कांग्रेस नेता मटांग सिंह की पत्नी है. मटांग सिंह का संबंध बिहार से है लेकिव वे लंबे समय से असम में ही रहते हैं. अल्फ़ा ने असम में हिंदी भाषी लोगों पर कई बार हमले किए हैं. ये हमले भारत सरकार और अल्फ़ा के बीच शांति वार्ता टूटने के बाद हुए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें अल्फ़ा के ख़िलाफ़ बर्मा से सहयोग10 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस अल्फा के ख़िलाफ़ सैनिक अभियान09 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस असम में सैनिक छावनी के पास धमाका08 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस अल्फ़ा के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई होः लालू08 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||