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सीने पर सवा सौ बार गुदवाया 'सोनिया' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राजस्थान में एक ऑटोरिक्शा चालक पर सोनिया गाँधी की दीवानगी इस कदर हावी है कि उसने अपने सीने पर सवा सौ बार सोनिया गाँधी का नाम गुदवा लिया. भारत में राजनेताओं की स्तुति सभा सम्मेलनों में तो आमतौर पर देखी-सुनी जाती है. लेकिन ख़्वाजा की नगरी अजमेर ज़िले के ब्यावर शहर में ऑटोरिक्शा चलाकर गुजर-बसर करनेवाले अशोक पंडित रोजाना सोनिया गाँधी की तस्वीर के सामने अगरबत्ती लगाकर भक्तिभाव भी प्रकट करते हैं. अशोक कहते हैं, " जब सोनिया गाँधी ने प्रधानमंत्री पद का प्रस्ताव ठुकराया तभी से वह उनके मुरीद हैं." वो कहते हैं, " मैं काँग्रेस पार्टी का सदस्य नहीं हूँ. न ही किसी पद की मुराद है. बस एक बार सोनियाजी से मिलने की तमन्ना ज़रूर है." दीवानगी अशोक का ऑटोरिक्शा सोनिया गाँधी की तस्वीरों से पटा पड़ा है. ब्यावर के ही एक ऑटोचालक लक्ष्मण सिंह कहते हैं, "अशोक की दीवानगी का आलम यह है कि टेलीविज़न पर जैसे ही सोनिया गाँधी दिखाई देती हैं, अशोक सवारी छोड़ कर खड़े हो जाते हैं." अशोक ने पिछले साल एक मेले में शरीर पर नाम गुदवाते लोगों को देखा तो खुद को भी हाज़िर कर दिया. अशोक बताते हैं, "सवा सौ बार सोनिया गाँधी का नाम गुदवाने में लगभग तीन घंटे का समय लगा. दर्द भी हुआ, लेकिन अब मन में संतोष का भाव है." अपने पति की इस दीवानगी पर पिंकी कहती हैं, "क्या करें, कमाई का काफ़ी पैसा तो सोनियाभक्ति पर ही खर्च कर देते हैं. घर खर्च का भार मुझ पर ही आन पड़ा है." लेकिन अशोक कहते हैं, "सारे राजनेता स्वार्थ और सत्ता सुख में डूबे हैं. ऐसे में किसी नेता का खुद को पद से परे रखना बहुत प्रभावित करता है." | इससे जुड़ी ख़बरें सोनिया का निठारी दौरा, मुलायम को कोसा06 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'गुजरात में सत्ता परिवर्तन की ज़रूरत है'20 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस बाढ़ पीड़ितों से मिलने पहुँचीं सोनिया गांधी31 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस सोनिया ने शुरु किया चुनावी अभियान08 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस सोनिया ने साधा मुलायम पर निशाना 17 जून, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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