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कबाब खिलाकर हत्याओं का आरोप | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान में पुलिस के अनुसार शिरीन गुल नामक एक महिला ने अपने प्रेमी रहमतुल्ला और बेटे समीउल्ला के साथ मिलकर 27 पुरुषों की हत्या की. मार्च 2005 में शिरीन गुल को पकड़कर जेल में बंद कर दिया गया था और उस पर मुक़दमा चलाया गया. पुलिस ने जब काबुल के पास एक व्यवसायी का शव मिलने के बाद जून 2004 में जाँच शुरू की थी तो उन्हें इस बात की आशंका तक नहीं थी कि जलालाबाद स्थित शिरीन गुल के पूर्व आवास के आंगन में दबी 18 लाशों का पता चलेगा. बाद में काबुल में एक जगह से छह और शव बरामद किए गए.और अभी हाल ही में शिरीन के जलालाबाद स्थित घर से उसके पहले पति की लाश मिली है. एक अन्य लाश लोगर सूबे में मिली जिससे जुड़े मामले में शिरीन के प्रेमी रहमतुल्ला को पहले ही 17 साल जेल की सजा सुनाई जा चुकी थी. पुलिस ने पाया कि इन सभी 27 पुरुषों को गला घोंटकर मारा गया था. अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी जनरल मोहम्मद ज़हीर नाहेम के अनुसार शिरीन ने पूछताछ के दौरान इन लोगों की हत्या करने की बात कबूल की है. उन्होंने कहा कि पुलिस के पास इस स्वीकारोक्ति की वीडियो टेप मौजूद है. नाहेम ने कहा, "ये पेशेवर हत्यारे हैं. शिरीन गुल को कोई पछतावा नहीं है, न ही बाकियों को." लेकिन जेल में इंटरव्यू के दौरान शिरीन पुलिस के समक्ष की गई कथित स्वीकारोक्ति से साफ मुकर गई. रोती हुए शिरीन ने कहा, "यदि वे मुझे फ़ांसी पर चढ़ा दें तो भी मैं इन आपराधिक कार्यों को अंजाम देने की बात स्वीकार नहीं करूंगी." उसने कहा, "मुझे आंगन में शव दबे होने की जानकारी थी लेकिन मुझे इससे ज़्यादा और कुछ पता नहीं. मैं एक पख़्तून औरत हूँ और हम घर में आने वाले अजनबियों से बात तक नहीं करते." चाय-कबाब शिरीन ने कहा कि उसे इस बात की जानकारी थी कि रहमतुल्ला ने उनके पहले पति की हत्या की है. शिरीन के अनुसार यह जानने के बाद भी वह रहमतुल्ला का समर्थन करती रही क्योंकि उसका पति हमेशा उसे पीटा करता था. रहमतुल्ला को एक अच्छा आदमी बताते हुए शिरीन ने कहा कि वह टैक्सी ड्राइवरों की हत्या में शामिल था लेकिन मुख्य अभियुक्त दूसरे लोग थे. मारे गए लोगों में से अधिकतर टैक्सी ड्राइवर थे जिनका हत्यारों से कोई संबंध नहीं था. पुलिस के अनुसार तीनों अभियुक्तों ने कबूल किया कि वे उन लोगों को चाय और कबाब खिलाने के बहाने अपने घर बुलाए थे. खाने में मादक पदार्थ मिलाकर पहले उन्हें बेसुध किया जाता और फिर हत्या कर दी जाती. पुलिस को तलाशी के दौरान भारी मात्रा में मादक पदार्थ मिले. पुलिस ने ज़मीन में डेढ़ मीटर नीचे गड़े जिन शवों को निकाला उनकी गर्दनों पर फंदे के निशान थे. पोस्टमार्टम रिपोर्टों से पता चलता है कि हत्याओं की शुरूआत 2001 में हुई थी, जब अमरीकी सेना ने अफ़ग़ानिस्तान पर हमला किया था. माना जाता है कि हत्याएँ पैसे के लिए की गईं. पुलिस का कहना है कि मामले के अभियुक्त टैक्सियाँ चुराकर सीमा से लगे पाकिस्तानी शहर मीरम शाह में बेचते थे. पुलिस को शिरीन गुल के पास से भारी मात्रा में आभूषण मिले. उसके घर से 22 जोड़ी जूतियाँ भी मिली हैं. पुलिस का मानना है कि शुरूआती हत्याओं में शिरीन के पहले पति मोहम्मद आज़म का भी हाथ था लेकिन जब शिरीन की रहमतुल्ला से दोस्ती हुई तो आज़म भी मारा गया. | इससे जुड़ी ख़बरें हथियार अभियान का अंतिम चरण24 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस 'अफ़ग़ानिस्तान मानवीय संकट की ओर'18 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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